चौरीचौरा के डुमरीखास गांव में फैक्ट्री पर सो रहे दो युवकों को मंगलवार रात जिंदा जला दिया गया। एक की इलाज के दौरान मौत हो गई तो दूसरा अभी भी जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। वारदात की वजह चुनावी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस ने प्रधान पुत्र समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मौत के बाद गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए डीएम, एसएसपी भी पहुंच गए। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
चौरीचौरा प्रतिनिधि के मुताबिक पूर्व प्रधान राजदेव पासवान की गांव के बाहर सीमेंट की पाइप बनाने की फैक्ट्री है। बांसगांव, भैंसहीं बुजुर्ग निवासी उनका मौसेरा भाई संतोष (32) लंबे समय से यहीं रहकर फैक्ट्री का काम देखता था। काम में मदद के लिए गांव का ही रामसिंहासन (33) भी उसके साथ ही रहता था। सोमवार रात रोज की तरह दोनों फैक्ट्री के बरामदे में सोए थे। साढ़े बारह बजे के करीब बाइक से आए छह लोगों ने दोनों के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
दोनों चिल्लाते हुए मदद के लिए गांव की ओर भागे। गांव वालों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया और दोनों को स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार कर दोनों को पीजीआई रेफर कर दिया। लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान संतोष ने मंगलवार को दम तोड़ दिया।