हाईकोर्ट ने दरोगा भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की लंबाई एक बार फिर आईएसआई मानक उपकरणों से नापने का आदेश दिया है। पिछले दिनों सुनवाई के दौरान अदालत में ही अभ्यर्थियों की लंबाई जांची गई। इसमें पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हुए। अदालत के सामने ही अभ्यर्थियों नाप जोख के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकला। कोर्ट ने इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
मामला 2011 दरोगा भर्ती का है। मनोज कुमार यादव और छह अन्य अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती बोर्ड ने अंतिम चयन के बाद मेडिकल परीक्षण के दौरान बाहर निकाल दिया। इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि दरोगा भर्ती परीक्षा के पांच चरण रखे गए थे। पहला शारीरिक मानक, प्रारंभिक लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता, मुख्य लिखित परीक्षा और ग्रुप डिस्कशन।
शारीरिक मानक के लिए न्यूनतम लंबाई 168 सेंटीमीटर अनिवार्य है। याचीगण की लंबाई मानक उपकरणों से नापी गई और वह 168 या अधिक होने के आधार पर चयनित हो गए। अन्य चरणों की परीक्षाएं भी पास कर अंतिम रूप से चयनित होने के बाद नियुक्ति से पूर्व मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया। मेडिकल परीक्षण में सीने और लंबाई की दोबारा जांच की गई। मेडिकल बोर्ड की जांच में याचीगण को 168 सेंटीमीटर से कम लंबाई होने के आधार पर बाहर कर दिया।