कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिखे गए ‘‘फर्जी पत्र’’ के सिलसिले में सीआईडी ने मांड्या जिले के दो कृषि अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पत्र में राज्य के कृषि मंत्री एन चालुवरायस्वामी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। सीआईडी के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, सात सहायक कृषि निदेशकों की ओर से ‘फर्जी पत्र’ लिखने के आरोप में कृषि विभाग के दो अधिकारियों को जिले के केआर पेट इलाके से गिरफ्तार किया गया।
जुलाई में राजभवन को कथित पत्र मिला था जिसमें शिकायत की गई थी कि मंत्री चालुवरायस्वामी कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर संयुक्त कृषि निदेशक के माध्यम से छह लाख रुपये से लेकर आठ लाख रुपये तक रिश्वत देने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने यह भी धमकी दी थी कि अगर रिश्वत मांगने की ऐसी "परंपरा" पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो वे अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे।
इसके बाद राज्यपाल ने शिकायत पर गौर करने और उचित कार्रवाई शुरू करने के लिए मुख्य सचिव वंदिता शर्मा को यह पत्र भेजा। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और चालुवरायस्वामी ने पत्र को 'फर्जी' करार देते हुए विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) पर इसमें शामिल होने का आरोप लगाया था। बाद में सिद्धरमैया ने मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया, जिसने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी की निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और जद (एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की गिरफ्तारी से स्थानांतरण और जबरन वसूली में मंत्री की संलिप्तता के आरोप सच साबित होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, इस चर्चा को अलग रखें कि (राज्यपाल को भेजा गया) पत्र फर्जी था या असली, लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है कि कृषि विभाग में ट्रांसफर का कारोबार हो रहा था। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने पत्र क्यों लिखा? चाहे अधिकारी मैसूरु के हों या मांड्या के, लेकिन सच तो यह है कि सच्चाई सामने आ गई है।