इस्लामाबाद/नई दिल्ली। नई दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह के गद्दीनशीं समेत दो भारतीय मौलवी पाकिस्तान पहुंच कर लापता हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मोदी सरकार ने पाकिस्तान सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक निजामुद्दीन दरगाह के गद्दीनशीं आसिफ निजामी और नाजिम निजामी बुधवार को लाहौर में मशहूर दाता दरबार गए थे और फिर वहां से कराची के लिए फ्लाइट ली थी। उनके परिवार के मुताबिक आसिफ को कराची जाने की इजाजत दे दी गई लेकिन अधूरे यात्रा कागजातों की वजह से नाजिम को लाहौर एयरपोर्ट पर रोक लिया गया।
एक सूत्र के मुताबिक इसके बाद नाजिम लाहौर एयरपोर्ट से गायब हो गए जबकि आसिफ कराची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद लापता हैं। भारत सरकार ने तुरंत यह मामला दिल्ली में पाकिस्तान सरकार के सामने उठाया और इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के जरिये भी इसकी चर्चा की।
गौरतलब है कि आसिफ और नाजिम निजामी लाहौर में प्रसिद्ध दाता दरबार की यात्रा करने से पहले 8 मार्च को कराची अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे। निजामुद्दीन दरगाह और दाता दरबार के गद्दीनशीं के एक दूसरे के यहां की यात्रा का पुरानी परंपरा रही है।
परिवार वाले वापसी की दुआ कर रहे हैं
नई दिल्ली। हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के दो उम्रदराज पीरजादा आसिफ अली निजामी और नाजिम निजामी की सकुशल वापसी के लिए परिवार वाले दुआ कर रहे हैं। दोनों लाहौर के दाता दरबार सूफी में जियारत करने गए थे। परिवार वालों के मुताबिक नाजिम निजामी को कुछ लोगों ने लाहौर एयरपोर्ट पर विमान से उतार लिया। जबकि आसिफ अली निजामी कराची एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वहां से लापता हो गए। परिवार वालों ने बताया कि दोनों छह मार्च को पाकिस्तान के लिए रवाना हुए थे। दोनों टूरिस्ट वीजा पर पाकिस्तान गए थे। बुधवार को दोनों लाहौर में अपने परिवार वालों से मिलने वाले थे।