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पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट, हुए कई खुलासे

Tue, 16 Jun 2020 01:01 PM IST
अनवर अंसारी एएनआई, नई दिल्ली
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indian high commission in pakistan - फोटो : ANI
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पाकिस्तान में स्थित भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारियों को सोमवार को एक दिन हिरासत में रखने के बाद इस्लामाबाद में छोड़ दिया गया। वहीं, अब हिरासत में कर्मचारियों के साथ हुई बदसलूकी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों ने बताया है कि हिरासत में कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और इन्हें यह कबूल करने को कहा गया कि ये लोग एक दुर्घटना में शामिल हैं। 

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सूत्रों ने बताया है कि भारतीय उच्चायोग में ड्राइवर के रूप में काम करने वाले दो कर्मचारियों को लगभग 15 से 16 हथियारबंद लोगों द्वारा लगभग 8.30 से 8.45 बजे सुबह के बीच उच्चायोग के करीब पेट्रोल पंप से उठाया गया। फिर उनकी आंखों पर पट्टी और हाथों में हथकड़ी लगाई गई। 

सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया कि कैसे इन लोगों को उठाया गया और पांच से छह वाहनों में सवार हथियारबंद लोग इन्हें अंजान जगह पर ले गए। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने कई वीडियो बनाए, जिसमें उच्चायोग के कर्मचारियों को यह स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया कि उन्होंने एक दुर्घटना को अंजाम दिया था। 
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उन्होंने बताया कि हथियारबंद लोगों ने भारतीय कर्मचारियों को यह भी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया कि उच्चायोग में खुफिया अधिकारी उन्हें बाहर से लोगों को कार में बैठाकर लाने को कहते हैं ताकि उच्चायोग में उनसे बैठक की जा सके। 

रॉड और लकड़ी के डंडे से पीटा गया
सूत्रों ने बताया है कि उनसे दो बजे दोपहर तक पूछताछ की गई, इस दौरान उन्हें तरह-तरह की यातनाएं दी गईं। दोनों कर्मचारियों को रॉड और लकड़ी के डंडे से पीटा गया। उन्हें घूंसे मारे गए और गंदा पानी पीने को मजबूर किया गया। उनसे उच्चायोग के शीर्ष अधिकारी से लेकर निचली रैंक के कर्मचारी के कार्यों को लेकर पूछताछ की गई। 

पूछताछ के दौरान उन्हें बार-बार यह धमकी दी जा रही थी कि उच्चायोग के हर एक कर्मचारी और अधिकारी के साथ भी भविष्य में ऐसा ही किया जाएगा, जैसा उनके साथ किया जा रहा है। पूछताछ के बाद, ड्राइवरों को एक चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया, जहां उन्हें टिटनस का इंजेक्शन दिया गया। 

वापस लौटने पर शरीर पर मिले चोट के निशान
सोमवार को रात 9 बजे उन्हें उच्चायोग को वापस सौंप दिया गया। हालांकि, दोनों ही कर्मचारी चल पा रहे थे, लेकिन उनके गले, चेहरे, जांघ पर चोट के निशान इस बात का सबूत थे कि उनके साथ मारपीट की गई है। सूत्रों ने बताया कि उन्हें कोई भी ऐसी चोट नहीं लगी है, जिनसे उनके जीवन को कोई खतरा हो। 

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भारत ने इससे पहले दिन में पाकिस्तान के प्रभारी सैय्यद हैदर शाह को तलब किया था और इस्लामाबाद में दो कर्मचारियों की कथित गिरफ्तारी को लेकर एक चेतावनी पत्र जारी किया था। पाकिस्तान को आधिकारिक कार के साथ दोनों कर्मचारियों को उच्चायोग में तुरंत वापस भेजने के लिए कहा गया था।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने कल कहा था कि उसके दो कर्मचारी लापता हैं और इस मामले को इस्लामाबाद तक ले जाया गया था। भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता और प्रथम सचिव अखिलेश सिंह ने कहा था कि दो भारतीय उच्चायोग के कर्मचारी सुबह से लापता हैं। इस मामले को पाकिस्तानी अधिकारियों के समक्ष उठाया गया।

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