एक विशेष मकोका कोर्ट ने शुक्रवार को गुटखा निर्माताओं रसिकलाल धारीवाल और जगदीश मोहनलाल जोशी को दाऊद इब्राहिम गैंग की मदद करने से जुड़े एक मामले में जमानत दे दी। इन दोनों पर दाऊद के गैंग की पाकिस्तान के कराची में गुटखा प्लांट लगाने में मदद करने का आरोप है।
धारीवाल और जोशी को विशेष जज एसएम भोसले ने जमानत दी। इन दोनों का नाम दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम ने सीबीआई पूछताछ में बताए थे। इसके आधार पर सीबीआई ने 2016 में धारीवाल और जोशी के खिलाफ अनुपूरक आरोप पत्र दायर किया था।
इससे पहले 26 अगस्त, 2016 को अदालत ने दोनों को अंतरिम जमानत दे दी थी। इस मामले में पहली चार्जशीट 2005 में अनीस के सहयोगी जमीरुद्दीन अंसारी के खिलाफ दायर हुई थी। अंसारी ने अपने बयान में कहा था कि उसने वर्ष 2000 में दुबई में जोशी को अनीस के साथ देखा था।
अभियोजन के अनुसार अंसारी ने जांच कर्ताओं को बताया था कि जोशी ने धारीवाल से अपने बकाये की वसूली के लिए अनीस की मदद मांगी थी। इसके बाद गैंगस्टर के बुलावे पर दोनों दुबई गए थे।
वहां से दोनों कराची गए, जहां दाऊद ने मध्यस्थता कर विवाद को सुलझा दिया। अंसारी के अनुसार बाद में जोशी और धारीवाल ने कराची में गुटखा प्लांट लगाने में अनीस की मदद की।