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अगस्ता वेस्टलैंड मामले में फिनमेकानिका के दो पूर्व शीर्ष अधिकारियों को जेल

Sat, 09 Apr 2016 06:26 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • मिलान की अदालत ने अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार का दोषी माना
  • साख बनाने की कोशिश कर रही कंपनी को लगा झटका
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अगस्ता वेस्टलैंड
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विस्तार
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भारत के साथ 12 अतिविशिष्ट हेलीकॉप्टर की बिक्री में भ्रष्टाचार के मामले में इटली की रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख गुइसेपे ओरसी को साढ़े चार साल की जेल हो गई है। मिलान की एक अपील अदालत ने ओरसी को यह सजा सुनाई है। इसके साथ कंपनी की हेलीकॉप्टर बनाने वाली इकाई अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनी को भी चार साल जेल की सजा सुनाई गई है।
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इटली की समाचार एजेंसी एएनएसए द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार अदालत ने दोनों पूर्व अधिकारियों को भारत सरकार के साथ हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार का दोषी माना है। अभियोग पक्ष ने ओरसी के लिए छह साल और ब्रूनो के लिए पांच साल की सजा की मांग की थी। अदालत के इस फैसले को इटली की कंपनी के लिए बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। यह मामला सामने आने के बाद दुनिया भर में उसकी साख को धक्का लगा था।

कंपनी प्रकरण को भुलाकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही थी कि अब इस अदालती निर्णय ने उसकी विश्वसनीयता पर फिर से प्रश्न चिह्न लगा दिया है। हालांकि उसकी तरफ से रूलिंग को लेकर कोई बयान नहीं आया है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों का इतना ही कहना है कि यह सजा पूर्व अधिकारियों को हुई है और पहला आरोप सामने आने के बाद से फर्म पूरी तरह बदल चुकी है। अब यह एक पूरी तरह से दूसरी कंपनी है।
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ओरसी और ब्रूनो पर भारत के साथ करीब 4250 करोड़ रुपये के सौदे में घूस लेने का आरोप था। इन दोनों ने गलत इनवाइस तैयार की। वैसे निचली अदालत ने दोनों पूर्व अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार के आरोप से बरी कर दिया था। उन्हें केवल गलत इनवाइस बनाने के दोष में दो साल की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले के खिलाफ दोनों पक्षों की तरफ से अपील की गई थी। 
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क्या है मामला

अगस्ता वेस्टलैंड
भारत ने कंपनी के साथ 12 एडब्ल्यू 101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों का सौदा किया था। बाद में सामने आया कि कंपनी अधिकारियों ने अनुबंध की शर्तें तोड़ी हैं और डील पक्की करने के लिए 360 करोड़ रुपये की रिश्वत दी है।

इस पर सरकार ने एक जनवरी 2014 को कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया था।

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय अब भी इस केस की जांच कर रहा है। इस मामले में भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एसपी त्यागी भी आरोपी हैं।
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