बैंक और साहूकारों के कर्ज से त्रस्त दो किसानों ने जान दे दी। सूखे के हालात में इनको खेतों से भी कोई उपज नहीं मिल पा रही थी। महोबा के थाना कबरई के ग्राम महेबा निवासी मनोज उर्फ मंजू (26) पुत्र कालीचरन के नाम दो बीघा जमीन है, जिस पर तीन साल से कोई फसल नहीं हुई।
उस पर साहूकारों का 50 हजार रुपये कर्ज था। खेती चौपट होने और साहूकारों के आए दिन के तगादे से परेशान मनोज ने शुक्रवार शाम घर पर जहर खाकर जान दे दी।
हमीरपुर के राठ प्रतिनिधि के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के औंता गांव निवासी रामगोपाल (45) पुत्र दुर्जन के नाम छह बीघा जमीन है। सूखे के कारण परिवार की आर्थिक हालत खराब हो गई। पुत्र जीतेंद्र ने बताया कि पिता के ऊपर बैंक का एक लाख और साहूकारों का 50 हजार रुपये कर्ज है। साहूकार तगादा कर रहे थे।
परिवार का पेट पालने और कर्ज अदा करने की चिंता उन्हें खाए जा रही थी। उसकी (जीतेंद्र) शादी भी सात जुलाई को तय हो चुकी है। इन्हीं सब परेशानियों में उन्होंने शनिवार सुबह जहर खाकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।