WB: केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि दो बांग्लादेशी नागरिक पिछले दो साल से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर ज़िले में अवैध रूप से रह रहे हैं, लेकिन पुलिस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि ये लोग तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक हैं, इसलिए पुलिस जानबूझकर चुप है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने रविवार को आरोप लगाया कि बांग्लादेश के दो नागरिक पिछले दो साल से पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले में अवैध रूप से रह रहे हैं, लेकिन पुलिस ने 'नाकाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी' के निर्देश पर कोई कार्रवाई नहीं की है। मजूमदार ने दावा किया कि पुलिस ने जानबूझकर कोई कदम नहीं उठाया, क्योंकि ऐसे लोग तृणमूल कांग्रेस के 'वोट बैंक' हैं।
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उन्होंने बताया कि इन दोनों व्यक्तियों के खिलाफ लिखित शिकायत और बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी उनके पहचान पत्रों की प्रतियों के साथ दक्षिण दिनाजपुर जिले के बंसीहारी थाने में जमा कराई गई थी। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष मजूमदार ने एक्स पर एक पोस्ट में फिरोज मियां नाम के व्यक्ति की ओर से पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत की प्रति साझा की। यह शिकायत बंसीहारी क्षेत्र के लालपुर गांव के निवासी फिरोज मियां ने लगभग दो साल पहले दर्ज कराई थी।
मजूमदार ने लिखा, दक्षिण दिनाजपुर जिले के बंसीहारी थाने में दो बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बार-बार लिखित शिकायतें करने के बावजूद राज्य पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इन कथित घुसपैठियों की पहचान लवली बेगम और अब्दुल मन्नान के रूप में की गई है।
भाजपा नेता ने कहा, शिकायतकर्ता ने पर्याप्त सबूत दिए हैं, जिनमें बांग्लादेश के पहचान पत्रों की तस्वीरें भी शामिल हैं, फिर भी पुलिस पूरी तरह उदासीन है। इसका एक ही कारण है कि नाकाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सख्त आदेश है कि किसी भी अवैध घुसपैठिए के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। सुकांत मजूमदार दक्षिण दिनाजपुर जिले की बालुरघाट लोकसभा सीट से सांसद हैं।
उन्होंने आगे कहा, ममता बनर्जी सरकार देश की सुरक्षा से समझौता कर रही है, ताकि अपने वोट बैंक को बचा सके, इसलिए पुलिस इन कथित घुसपैठियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रही है। फिरोज मियां ने 27 नवंबर 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ये दोनों बांग्लादेशी उसके गांव में अवैध रूप से रह रहे हैं और संभव है कि वे किसी तरह की देशविरोधी गतिविधियों में शामिल हों। मियां ने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले साल सितंबर में दोनों ने उसके घर में घुसकर उस पर हमला किया था।