अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में कैपिटल बिल्डिंग में हुई हिंसा के दौरान भारतीय तिरंगे का लहराना सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। तिरंगे के उस भीड़ में लहराने से भारत के सोशल मीडिया में एक तूफान सा आ गया है और देश की दो बड़ी पार्टियों के बड़े नेता इस मुद्दे पर आपस में भिड़ गए हैं।
जैसे ही भारतीय तिरंगे की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, वही भारत में इसको लेकर खलबली मच गई। भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा सांसद वरुण गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के बीच इस मुद्दे को लेकर ट्विटर वॉर छिड़ गया।
वरुण गांधी ने आरोप लगाया है कि झंडा लहराने वाला शख्स शशि थरूर का जानकार है, इस पर उन्होंने पलटवार किया है। दरअसल, गुरुवार को वरुण गांधी ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि वहां भारतीय झंडा क्यों है? यह एक ऐसी लड़ाई है, जिसका भारत कभी भी हिस्सा नहीं बनना चाहता है।
इस पर शशि थरूर ने जवाब देते हुए लिखा कि कुछ भारतीय भी डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की मानसिकता वाले ही हैं, जो तिरंगे को सम्मान की बजाए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और उनसे मेल नहीं खाता उसे देशद्रोही करार देते हैं। वहां पर दिखा झंडा हम सभी के लिए चेतावनी है।
इस पर वरुण गांधी ने पलटवार करते हुए अपने ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें बताया गया कि जो शख्स ट्रंप के समर्थकों की हिंसा में तिरंगा लहरा रहा था, वो शशि थरूर की पहचान वाला ही था। हालांकि शशि ने थरूर ने इस बात का जवाब देते हुए कहा कि ये वही हैं जो इस कृत्य का समर्थन नहीं करते हैं, अगर आपके जानने वाला कुछ ऐसा भी करता है, तो क्या आप उसकी जिम्मेदारी लेंगे।
बता दें कि सिर्फ वरुणा गांधी और शशि थरूर ही नहीं बल्कि कई अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने अमेरिकी हिंसा में तिरंगा दिखने को लेकर चिंता जाहिर की है और इसे गलत बताया है।