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भारत सरकार ने कहा- हर हाल में डिलीट करें 257 अकाउंट, गलत हैशटैग पर भी ट्विटर को घेरा

Wed, 10 Feb 2021 11:31 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सोशल मीडिया साइट्स - फोटो : iStock
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इलेट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने बुधवार को ने ट्विटर के अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से वार्ता की। सचिव ने एक हैशटैग फार्मर जीनोसाइड (Farmer Genocide या किसान नरसंहार) के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया और इस हैशटैग को हटाने के लिए जारी किए गए आपात आदेश को लेकर ट्विटर की प्रतिक्रिया पर सख्त नाराजगी जताई। 

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सचिव ने कहा कि फार्मर जीनोसाइड को लेकर भड़काऊ और निराधार हैशटैग का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाना जब इस तरह की जानकारी गलत माहौल बना सकती हो, न तो पत्रकारीय आजादी है और न ही भारतीय संविधान के तहत प्रदान किए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है।

बैठक में ट्विटर नेतृत्व ने भारतीय नियम और कानूनों का पालन करने के अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार उन्होंने भारत में अपनी सेवाओं को बेहतर करने के लिए अपने प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने भारत सरकार और ट्विटर की वैश्विक टीम के बीच बेहतर सहभागिता का अनुरोध किया।
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इससे पहले माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार द्वारा केवल भारत में ही कुछ आकउंट को बंद करने के निर्देश के तहत उसने कुछ अकाउंट पर रोक लगाई है। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिज्ञों एवं मीडिया के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि ऐसा करने से अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का उल्लंघन होगा। ट्विटर ने जोर देकर कहा कि वह अपने उपयोगकर्ताओं की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करना जारी रखेगी और इसके लिए वह सक्रियता से भारतीय कानून के तहत विकल्पों पर विचार कर रही है जो ट्विटर एवं उपयोगकर्ताओं के खातों को प्रभावित करते हैं।

भारत सरकार ने ट्विटर से 257 अकाउंट बंद करने को कहा है। सरकार ने इन 257 अकाउंट की सूची पर किसी तरह की चर्चा से इनकार किया है। हालांकि, वह कुछ मुद्दों पर चर्चा के लिए ट्विटर के अधिकारियों से मिलने के लिए राजी हुई थी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बुधवार को ट्विटर अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक के लिए सहमति दी थी। इसमें उन मुद्दों पर चर्चा की गई जो सरकार की ओर से पूर्व में उठाए गए थे। 

सूत्रों के अनुसार सरकार ट्विटर के खिलाफ स्वदेशी 'कू एप' को प्रोत्साहित करेगी। 26 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर ट्विटर की प्रतिक्रियो को लेकर सरकार माइक्रोब्लॉगिंग साइट से नाराज है। यह भी कहा जा रहा है कि सरकार कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद ट्विटर की प्रतिक्रिया से खुश नहीं है।

अनुमान है कि जल्द ही भारत सरकार के अधिकांश मंत्री कू एप पर आ जाएंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल पहले की कू एप पर अकाउंट बना चुके हैं। ट्विटर इंडिया ने मंगलवार को भारत सरकार से बात की थी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ एक औपचारिक वार्ता करने का अनुरोध किया था। इस सप्ताह सरकार ने ट्विटर इंडिया को एक नोटिस भेजा था जिसमें पूछा गया था कि 1178 अन्य अकाउंट हटाने को कहा था।



बता दें कि सरकार ने ट्विटर से ऐसे कई अकाउंट को बंद करने को कहा जिनसे कथित तौर पर देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर भ्रामक एवं भड़काऊ सूचनाएं साझा की जा रही हैं। सरकार ने आदेश का अनुपालन नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है। इस बारे में रुख स्पष्ट करने की मांग पर ट्विटर ने ब्लॉगपोस्ट में कहा कि नुकसानदेह सामग्री कम नजर आए इसके लिए उसने कदम उठाए हैं जिनमें ऐसे हैशटैग को ट्रेंड करने से रोकना एवं खोजने के दौरान इन्हें देखने की अनुशंसा नहीं करना शामिल है।

ट्विटर ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी इन उपायों को लागू करने की जानकारी दे दी है। ट्विटर ने रेखांकित किया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सभी आदेशों के तहत 500 से अधिक अकाउंट पर कार्रवाई की है। इनमें ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने पर अकाउंट को स्थायी रूप से बंद करने का कदम भी शामिल है।

सूत्रों ने बताया कि 257 ऐसे ट्विटर हैंडल्स हैं, जिन्होंने आपत्तिजनक हैशटैग के साथ पोस्ट किया था, कुछ ही दिन पहले इनमें से 126 अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है। इसके अलावा 1,178 हैंडल्स पर सरकार को शक है कि वो खालिस्तानी, पाकिस्तानी तत्वों से जुड़े हुए हैं, जो गलत सूचना प्रसार करते हैं, ऐसे 583 अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया गया है। आईटी एक्ट की धारा 69A(3) के तहत ट्विटर के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि उन्हें सात साल की जेल हो सकती है।

ट्विटर ने कहा,  ‘आज हमने अकाउंट को बंद करने के आदेश में चिह्नित अकाउंट के एक हिस्से पर हमारी देश में विषयवस्तु नीति के तहत केवल भारत में ही रोक लगाई है। ये अकाउंट भारत से बाहर उपलब्ध रहेंगे।’ माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने उन अकाउंट की जानकारी नहीं दी जिनपर कार्रवाई की गई है।

ट्विटर ने कहा कि उसने मीडिया संस्थानों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं एवं राजनेताओं के अकाउंट पर कार्रवाई नहीं की है क्योंकि हम नहीं मानते कि जिस तरह की कार्रवाई के निर्देश हमे दिए गए हैं वह भारतीय कानून और अभिव्यक्ति की रक्षा करने के हमारे सिद्धांत के अनुरूप है। कंपनी ने तर्क दिया कि ऐसा करना भारतीय कानून में मिले अभिव्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन होगा।

ट्विटर ने कहा, ‘हम ट्विटर पर होने वाली स्वस्थ चर्चा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और मजबूती से मानते हैं कि ट्वीट का प्रवाह जारी रहना चाहिए।’ माइक्रोब्लॉगिंग साइट ने कहा कि यह अहम है कि लोग समझे कि कैसे सामग्री में संतुलन एवं दुनिया भर की सरकारों से संवाद वह बनाती है।

ट्विटर ने कहा, ‘स्वतंत्र इंटरनेट एवं अभिव्यक्ति के पीछे के मूल्यों पर पूरी दुनिया में खतरा बढ़ रहा है....ट्विटर उन आवाजों को ताकत देने के लिए है जिन्हें सुना जाना चाहिए और हम अपनी सेवाओं में लगातार सुधार करना जारी रखेंगे ताकि सभी-विचारों एवं रवैये से परे-सार्वजनिक बहस में हिस्सा बनने में सुरक्षित महसूस कर सके।’

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