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सिर से जुड़े जुड़वां बच्चों में से एक की हालत नाजुक, एससीबीएमसीएच ने दिल्ली एम्स से मांगी मदद

Sun, 29 Sep 2019 02:29 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
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- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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सिर से जुड़े हुए जुड़वां बच्चे जग्गा और कालिया सर्जरी के जरिए अलग होने के दो साल बाद छह सितंबर को दिल्ली एम्स से वापस अपने प्रदेश ओडिशा लौट आए थे। इसके बाद उन्हें कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एससीबीएमसीएच) में विशेष रूप से उनके लिए बनाए गए कक्ष में भर्ती कर दिया गया था। यहां उनमें से कालिया की हालत गंभीर बताई जा रही है। कालिया की जिंदगी बचाने के लिए एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से मदद मांगी है।

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कॉलेज ने एम्स से अनुरोध किया है कि वह तुरंत दो विशेषज्ञ डॉक्टरों को उसके इलाज के लिये यहां भेजे। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। एम्स में ऑपरेशन और लंबे इलाज के बाद स्थिति में सुधार पर इन बच्चों को हाल ही में इनके गृह राज्य ओडिशा भेजा गया था। 

एससीबीएमसीएच के अधीक्षक सीबीके मोहंती ने कहा, हमनें एम्स को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे दो डॉक्टरों-दीपक गुप्ता और राकेश लोढा को कालिया के इलाज के लिये यहां भेजें। मोहंती ने कहा कि छाती में संक्रमण के बाद गुरुवार रात से ही कालिया को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। एससीबीएमसीएच के आकस्मिक अधिकारी बी एन मोहाराना ने कहा कि कालिया को निमोनिया है और उसे सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है।
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उन्होंने कहा, कालिया को जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है और उसके सभी महत्वपूर्ण अंग ठीक काम कर रहे हैं, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। एससीबीएमसीएच के डॉक्टरों ने दिल्ली स्थित एम्स के डॉक्टरों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की और कालिया की सेहत को लेकर चर्चा की।

अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि कालिया का जुड़वां भाई जग्गा ठीक है और सामान्य बच्चों की तरह खेल रहा है। जग्गा और कालिया जन्म से ही सिर से जुड़े हुए थे और उन्हें 13 जुलाई 2017 को इलाज के लिये एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें अलग करने के लिये ऑपरेशन किया गया। करीब दो साल बाद छह सितंबर 2019 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी।

एससीबीएमसीएच ने विभिन्न विभागों के 14 डॉक्टरों का एक दल बनाया है जो एम्स के समन्वय में बच्चों पर नजर रख रहा है और उन्हें जरूरी इलाज मुहैया करा रहा है। 

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