अजीत के खास रहे हैं शिवसेना सांसद
शिवसेना सांसद होते हुए भी बारणे को अजीत पवार का करीबी कहा जाता था। पिछली बार उन्हें एनसीपी का परोक्ष समर्थन भी मिला था। अब स्थिति बदल गई है। बारणे की चिंता भाजपा विधायक लक्ष्मण जगताप हैं। पिछले चुनाव में बारणे के खिलाफ जगताप ने पीडब्लूपी से चुनाव लड़ा था और तीन लाख 54 हजार से ज्यादा मत बटोरे थे। इस बार उन्होंने बारणे की उम्मीदवारी का विरोध किया, लेकिन शिवसेना ने पुनः बारणे पर ही दांव लगाया। मुख्यमंत्री फडणवीस और जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन की मध्यस्थता के बाद जगताप बारणे के प्रचार में जुटे। लेकिन अंदरूनी खतरा बरकरार है। वहीं, पीडब्लूपी नेता विधायक जयंत पाटिल ने एनसीपी को समर्थन दिया है, जिससे पार्थ पवार का पलड़ा भारी हो गया है।
किसानों के मुद्दे हावी
साल 2011 में मावल में पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ शहर में पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डालने का विरोध करने पर तीन किसान पुलिस की गोलियों का शिकार हो गए थे। तीन किसानों की मौत के बाद मावल में कांग्रेस-एनसीपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए थे। जिन किसानों के खेत से पाइपलाइन ले जाई गई है उनके मुआवजे, पुनर्वास का मुद्दा अभी तक लंबित है। किसानों का पुनर्वास बड़ा चुनावी मुद्दा है। रायगढ़ में मछुआरों की समस्याएं भी अहम है।
मोदी की नकल कर रहे हो गुरु...
आजमगढ़ से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने इंस्टाग्राम पर अपनी मां के साथ तस्वीर पोस्ट की है। निरहुआ ने फोटो के साथ लिखा- माई हो ललनवा दे द, देशवा के करनवा, अपने गोदिया के सुगनवा दे द। तस्वीर में निरहुआ मां के हाथ से कुछ खा रहे हैं। इस पर फैन्स की मिली जुली प्रतिक्रिया आई। कुछ ने कहा- मोदी की नकल कर रहे हो का गुरु...। कुछ ने उनकी तारीफ भी की। बता दें कि तीसरे चरण के मतदान के दिन मोदी की भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी।