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Kerala: कन्नूर एडीएम की कथित आत्महत्या से केरल की राजनीति में भूचाल, CPIM नेता दिव्या की गिरफ्तारी की मांग

Wed, 16 Oct 2024 11:44 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नूर/पठानमथिट्टा/तिरुवनंतपुरम

सार

दिव्या कथित तौर पर बिना बुलाए समारोह में शामिल हुईं। विपक्षी दलों का आरोप है कि बाबू ने अपने विदाई समारोह में दिव्या द्वारा अपमानित किए जाने के बाद आत्मघाती कदम उठाया। दिव्या ने आरोप लगाया था कि नवीन बाबू ने पेट्रोल पंप के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) देने के लिए 98500 रुपये की रिश्वत ली थी।
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खुदकुशी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केरल में कन्नूर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नवीन बाबू की कथित आत्महत्या ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में भूचाल ला दिया है। विपक्षी दल वाम सरकार पर जवाबदेही के लिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो गए हैं। सीपीआईएम नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। 

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विवाद तब शुरू हुआ, जब सीपीआईएम नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या ने नवीन बाबू के विदाई समारोह में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस मौके पर कन्नूर जिला कलेक्टर भी मौजूद थे।

दिव्या कथित तौर पर बिना बुलाए समारोह में शामिल हुईं। विपक्षी दलों का आरोप है कि बाबू ने अपने विदाई समारोह में दिव्या द्वारा अपमानित किए जाने के बाद आत्मघाती कदम उठाया। दिव्या ने आरोप लगाया था कि नवीन बाबू ने पेट्रोल पंप के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) देने के लिए 98500 रुपये की रिश्वत ली थी। दिव्या के आरोपों के बाद अगले दिन एडीएम बाबू अपने क्वार्टर में फंदे से लटके पाए गए।
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विपक्षी दल, जिनमें कांग्रेस और भाजपा शामिल हैं, अब दिव्या के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि नवीन बाबू को दिव्या ने विदाई समारोह में अपमानित किया था, जिससे उन्होंने अपनी जान लेने का फैसला किया।

साथ ही भाजपा और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कन्नूर में दिव्या के आवास तक अलग-अलग विरोध मार्च निकाला, वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अनुसंधान शाखा की केरल इकाई के अध्यक्ष बीएस शिजू ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी और बीपीसीएल के सीएमडी जी कृष्णकुमार को पत्र लिखकर पेट्रोल पंप का आवंटन रद्द करने की मांग की।

इसके बाद, गोपी के कार्यालय ने शिजू को सूचित किया कि संबंधित अधिकारियों को आवंटन रद्द करने की मांग पर गौर करने का निर्देश दिया गया है।

दिव्या के आरोपों के तुरंत बाद, अनुमोदन प्राप्त करने वाले टीवी प्रशांत ने आरोप लगाया कि उन्होंने एडीएम को 98500 रुपये का भुगतान किया था, जिन्होंने पंप के लिए एनओसी देने के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। प्रशांत ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को शिकायत भेजी थी।

प्रशांतन के आरोपों का जिक्र करते हुए शिजू ने कहा कि रिश्वत देना और लेना दोनों दंडनीय अपराध हैं। शिजू के साथ-साथ कांग्रेस ने भी आरोप लगाया है कि प्रशांत के दिव्या के पति के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के बावजूद पेट्रोल पंप के लिए परमिट देने में तेजी लाने के लिए मजबूर किया।

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