अहमदाबाद पुलिस ने बुधवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर एक सर्राफा व्यापारी को धोखा देकर उसे अभिनेता अनुपम खेर की तस्वीर वाले नकली नोट थमाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये का सोना खरीदने में शामिल थे। अहमदाबाद शहर की अपराध शाखा की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनके कब्जे से 1.37 करोड़ रुपये का सोना बरामद किया गया। इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों की पहचान दीपक राजपूत और उसके साथी नरेंद्र जादव और कल्पेश मेहता के रूप में हुई है, जो सभी अहमदाबाद शहर के निवासी हैं।
वारदात में शामिल कई आरोपी हैं फरार
इसमें कहा गया है कि नकली नोटों से भुगतान करके धोखाधड़ी से हासिल किए गए कुल 21 सोने के बिस्कुटों में से, हर एक का वजन 100 ग्राम था, अपराध शाखा ने 1.37 करोड़ रुपये के 18 बिस्कुट बरामद किए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि चार अन्य आरोपी, जिनमें से दो के पास तीन सोने के बिस्कुट होने का अनुमान है, फरार हैं। इस महीने की शुरुआत में, सर्राफा व्यापारी मेहुल ठक्कर ने नवरंगपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि 24 सितंबर को उन्हें 2.1 किलोग्राम सोने के बदले 500 रुपये के नकली नोटों के 26 बंडल स्वीकार करने के लिए धोखा दिया गया था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने सोना खरीदने के प्रस्ताव के साथ व्यापारी मेहुल ठक्कर से संपर्क किया था और 1.60 करोड़ रुपये की कीमत तय की थी, जिसका भुगतान सीजी रोड में मौजूद उनके 'अंगड़िया' (कूरियर सेवा) ऑफिस में नकद किया जाना था। 24 सितंबर को, व्यापारी मेहुल ठक्कर के कर्मचारी कार्यालय पहुंचे, जहां पहले से ही तीन व्यक्ति नकदी गिनने वाली मशीन के साथ मौजूद थे।
ऐसे वारदात को दिया गया था अंजाम
उनमें से दो ने सोना लिया और 500 रुपये के नोटों के बंडल सौंप दिए। फिर वे पड़ोसी ऑफिस से शेष 30 लाख रुपये लाने के बहाने सोने के बिस्कुट लेकर चले गए, जबकि तीसरा आरोपी वहीं रुका रहा। जब व्यापारी मेहुल ठक्कर की तरफ से भेजे गए कर्मचारियों ने देखा कि करेंसी नोट नकली हैं, तो उन्होंने तीसरे व्यक्ति से पूछताछ की, जिसने उन्हें बताया कि वह केवल अंगड़िया फर्म को गिनने वाली मशीन देने के लिए वहां आया था।
दो दिन पहले अंगड़िया में खोला था ऑफिस
उसने ये भी बताया कि आरोपियों ने दो दिन पहले ही अंगड़िया में ऑफिस खोला था। जांच में पता चला कि दीपक राजपूत और कल्पेश मेहता ने ही ठक्कर के कर्मचारियों से सोना लिया और फिर चुपके से निकल गए। जांचकर्ताओं ने बताया कि अपनी पहचान छिपाने के लिए दीपक राजपूत ने सिख की तरह कपड़े पहने थे।
प्रिंटिंग शॉप से छपवाई गई थी नोट
पुलिस इंस्पेक्टर डीबी पटेल ने बताया, दीपक राजपूत और अन्य लोगों ने एक प्रिंटिंग शॉप के मालिक को बड़ी मात्रा में ये नोट छापने के लिए राजी किया और दावा किया कि इन नोटों का इस्तेमाल एक फिल्म में किया जाएगा, जिसमें अनुपम खेर खुद अभिनय करेंगे। चूंकि यह मूल नोट की हूबहू नकल नहीं थी, इसलिए शॉप के मालिक को कोई संदेह नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नोटों को काटने और बंडल तैयार करने के बाद उन्होंने उन्हें एसबीआई के लोगो वाली कागज की पट्टियों का इस्तेमाल करके इस तरह लपेटा कि अभिनेता अनुपम खेर की तस्वीर ढकी रहे। इंस्पेक्टर डीबी पटेल ने बताया कि दीपक राजपूत एक अनुभवी अपराधी है, जिस पर गुजरात और राजस्थान में धोखाधड़ी और जालसाजी के पांच ऐसे मामले दर्ज हैं।
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