अदालत ने तुर्कमेनिस्तान निवासी महिला के अपहरण व उससे गैंगरेप के चार आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। महिला ने पुलिस को एक ई-मेल भेजकर अपनी शिकायत में दावा किया था कि आरोपियों ने उससे जबरन देह व्यापार करवाया और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकियां दी। इतना ही नहीं उसे भूखा रखा गया मारपीट की गई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने इस मामले में एक महिला सहित चार को गैंगरेप, अपहरण, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के अलावा अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम के आरोप से बरी किया है। इनके खिलाफ वर्ष 2008 में मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने कहा महिला को पता था कि सभी कपड़े के व्यापारी है।
अदालत ने कहा ध्यान देने योग्य बात है कि महिला 2009 में अपने देश चली गई और अदालती कार्यवाही के दौरान उसकी उपस्थिति सुरक्षित नहीं की गई, ऐसे में पीड़िता से जिरह नहीं की जा सकी और बिना उसके द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा ऐसा कोई सबूत नहीं है कि आरोपी संगठित तरीके से देह व्यापार का धंधा करते थे। अपने बयान में आरोपियों ने कहा है कि वे कपड़े का व्यापार करते हैं और कथित पीड़ित महिला उन्हें पहले से जानती थी और वह भी कपड़ों का व्यापार करती है।