हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन को लेकर भारत की विदेश नीति पर कांग्रेस और वामदलों ने निशाना साधा है। पार्टी ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या सरताज अजीज को सरकार ने बिरयानी खाने के लिये अमृतसर बुलाया था। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार जब कह चुकी है कि आतंकवाद और बातचीत साथ साथ नहीं चलेगी तो क्यों पाकिस्तान के विदेश मंत्री को न्योता दिया गया है।
वहीं भाकपा नेता डी राजा ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों कश्मीर समस्या के लिए जिम्मेदार हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘बुनियादी सवाल यह है कि आखिर सरताज अजीज अमृतसर में क्या कर रहे हैं। अगर यह सरकार पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अलग थलग करना चाहती है। साथ ही बातचीत और आतंकवाद के साथ साथ नहीं चलने की भी बात करती है तो बातचीत नहीं होनी चाहिए। तो क्या फिर अजीज को अमृतसर में बिरयानी खाने के लिए बुलाया गया है।’
तिवारी ने कहा कि पिछले 30 महीनों से हम पाकिस्तान को लेकर भरत सरकार की नीति में यूटर्न और उतार चढ़ाव देख रहे हैं। इसकी वजह से पाकिस्तान भारत पर हावी है।
उमर अब्दुल्ला के बयान को लेकर छिड़े विवाद के बाद भाकपा नेता ने उनके बयान पर सहमति जताई है। राजा ने कहा, ‘मैं कुछ हद तक उमर के बयान से सहमत हूं। पाकिस्तान कश्मीर समस्या को नहीं सुलझा पाया मगर साथ ही हमारी तरफ से भी कई गलतियां हुई हैं।’ राजा ने कहा कि मौजूदा सरकार कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 का सरंक्षण नहीं कर पा रही है।