Bombay HC: तुर्किये की कंपनी सेलेबी की भारतीय इकाई ने बॉम्बे हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली है, जिसमें सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। यह मंजूरी विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान रद्द की थी और कोर्ट ने अब याचिका वापस लेने की अनुमति दी है।
तुर्किये की विमानन कंपनी सेलेबी की भारतीय सहायक फर्म ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल उस याचिका को वापस ले लिया है, जिसमें उसने अपनी सुरक्षा मंजूरी को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी थी। यह मंजूरी विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रद्द कर दी थी।
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जस्टिस बी. पी. कोलाबावाला और फिर्दोस पूनियावाला की बेंच ने इस याचिका को वापस लेने की अनुमति दी और मामले को बंद कर दिया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी तरह की याचिका पिछले महीने खारिज कर दी थी।
शिकायत में विमानन सुरक्षा ब्यूरो के उस फैसले को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसमें सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी गई थी। लेकिन गुरुवार को सेलेबी के वकील चेतन कपाडिया ने हाईकोर्ट को बताया कि कंपनी अब अपनी याचिका वापस लेना चाहती है। कोर्ट ने उनकी यह मांग स्वीकार कर ली।
इससे पहले, हाईकोर्ट ने मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (एमआईएएल) को सेलेबी के अनुबंध समाप्त होने के बाद ग्राउंड और ब्रिज हैंडलिंग सेवाओं के लिए टेंडर अंतिम रूप देने से रोक दिया था। लेकिन यह अंतरिम रोक तब हटाई गई थी, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने सेलेबी की समान याचिका को खारिज कर दिया। सेलेबी नैस एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 59 फीसदी पूंजी सेलेबी के पास है।