ट्विटर सीईओ जैक डोरसे और उनके करीब 1,000 सहयोगियों ने ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों पर लगाई पाबंदियों के खिलाफ लड़ाई के लिए 15 लाख डॉलर (भारतीय रुपये में करीब 10 करोड़ रुपये) से ज्यादा का दान किया है। यह दान अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) को दिया गया है जो ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले शरणार्थियों और लोगों पर लगाए गए अस्थायी आदेश के विरोध में काम कर रहा है।
एसीएलयू नामक इस संगठन के पास ऑनलाइन माध्यम से करीब 2.4 करोड़ डॉलर से अधिक का फंड जुटाया जा चुका है। कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक शुरूआत में ट्विटर के 925 कर्मचारियों ने 5,30,000 डॉलर से ज्यादा का दान जुटाया था, बाद में सीईओ डोरसे व कार्यकारी चेयरमैन ओमिद कोरदेस्तानी ने भी दान दिया और कुल दान राशि 15.9 लाख डॉलर हो गई।
ट्विटर ने इसकी पुष्टि की है। ट्विटर के जनरल काउंसल विजय गड्डे ने एक मेमो में लिखा है कि हमारा काम अभी पूरा होने से दूर है। आने वाले महीनों में हमें कई कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ेगा लेकिन जहां तक नागरिक स्वतंत्रता पर खतरे की बात है, उन्हें खुशी है कि लोग लोगों की देखभाल और आजादी के लिए खड़े होंगे।