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'ट्रैवल बैन' पर ट्रंप को अदालत से लगा 'जोर का झटका'

Thu, 30 Mar 2017 09:45 PM IST
amarujala.com- presented by: रोहित कुमार पोरवाल
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सांकेतिक चित्र
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अमेरिका में हवाई प्रांत की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा छह मुस्लिम देशों के नागरिकों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों पर अनिश्चतकाल तक रोक लगा दी है। अदालत ने हाल ही में दिए अपने आदेश को विस्तार देने का फैसला करते हुए कहा कि - ‘यह प्रतिबंध मुसलमानों के खिलाफ हैं और राज्य की पर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं।’ 
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अमेरिका की हवाई स्थित संघीय अदालत के जिला जज डेरिक वॉटसन के इस फैसले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप अब अपने आदेश को तब तक लागू नहीं कर पाएंगे जब तक यह मामला अदालत में है। अटॉर्नी जनरल डगलस चिन ने न्यायाधीश से कहा कि - ‘संशोधित प्रतिबंध में छिपा संदेश एक ऐसे संकेतक के समान है, जो बार-बार मुस्लिम प्रतिबंध की तरफ इशारा कर रहा है और सरकार ने इस संकेतक को बंद करना भी जरूरी नहीं समझा।’ अदालत ने कहा कि - ‘ये सारी पाबंदियां मुस्लिमों के प्रति भेदभाव है और इसका प्रभाव पर्यटन और विदेशी छात्रों व कामगारों के देश में आने पर पड़ेगा।’ 

राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि नए यात्रा प्रतिबंध आतंकवादियों को अमेरिका में आने से रोकते हैं जो देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। न्याय मंत्रालय के अटॉर्नी चाड रीडलर ने जज को फोन पर बताया कि सरकार के मुताबिक यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है। जबकि हवाई संघीय अदालत के मुताबिक राज्य के मुकदमे के निपटारे तक अस्थाई आदेश की अवधि को विस्तार देने से यह तय होगा कि पिछले दो माह के उतार-चढ़ाव के बाद अमेरिका में मुस्लिम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर आंच नहीं आए।
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संशोधित आदेश में छह देशों पर ट्रंप ने लगाया प्रतिबंध

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : file photo
हाल ही में छह मार्च को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी शरणार्थियों और छह मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद दायर की गई याचिका में हवाई के एक संघीय जज ने ट्रंप के संशोधित यात्रा प्रतिबंध को लागू होने से महज कुछ ही घंटे पहले रोक दिया था। आज इसी पुराने फैसले को विस्तार दिया गया है। छह मार्च को ट्रंप ने ईरान, लीबिया, सूडान, सोमालिया, सीरिया और यमन के नागरिकों के अमेरिका आने पर 90 दिन की पाबंद्री औ शरणार्थियों के आने पर 120 दिन की रोक लगा दी थी।  

नाइंथ सर्किट में अपील की संभावना

अमेरिकी अदालत के इस फैसले में कहा गया कि - ‘यह अदालत इस फैसले पर रोक लगाने से इंकार करती है।’ साथ ही कहा कि - ‘स्थगन की स्थिति में इस आदेश पर आपात अपील दायर की जानी चाहिए।’ हवाई की अदालत के इस फैसले के खिलाफ नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील में याचिका दायर किए जाने की पूरी संभावना है। हालांकि यह वही अदालत है जिसने ट्रंप के पहले कार्यकारी आदेश पर सिएटल की अदालत द्वारा लगाई गई रोक को हटाने से इंकार कर दिया था। पहले आदेश में इराक पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे, जिसका नाम संशोधित आदेश में बाहर कर दिया गया। 
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