अमेरिकी चेंबर ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय अध्यक्ष असीम चावला ने कहा, ‘ट्रंप के कहने पर अगर वाकई अमेरिकन कंपनियां चीन से अपना कारोबार समेटेंगी, तो इसका सीधा फायदा भारत को होगा। वैसे चीन से निकली सभी अमेरिकी कंपनियां भारत नहीं आएंगी।
क्योंकि टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए बांग्लादेश, वियतनाम और भारत विकल्प हो सकते हैं। नेचुरल रिसोर्स वाली कंपनियां भी भारत को वरीयता दे सकती हैं। जिस सेक्टर की कंपनियों के लिए जो देश अनुकूल होगा, वे कंपनियां वहां जा सकती हैं। लेकिन ज्यादातर अमेरिकी कंपनियां भारत आ सकती हैं।’