तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के नेता के टी रामाराव ने रविवार को कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी ताकत बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिन-ब-दिन मजबूत और सबसे बड़ी होती जा रही है पुरानी पार्टी के कारण। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी ताकत है।
केटीआर ने देश में बेरोजगारी और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। टीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने कहा कि भाजपा के शासन में सबसे ज्यादा बेरोजगारी और महंगाई देखी जा सकती है। बीजेपी ने कहा था कि वे किसानों को मजबूतकरेंगे, लेकिन उन्होंने उन्हें मजदूर बना दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि समस्या जेसीबी है जो निर्माण और विध्वंस से जुड़ी है। मुझे लगता है कि कार (टीआरएस प्रतीक) जेसीबी का एक बेहतर विकल्प है।
खम्मम की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केटीआर ने कहा कि रामायणपेट या खम्मम में हुई घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। दरअसल यहां एक भाजपा नेता ने टीआरएस मंत्री अजय कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी।
खम्मम की घटना को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए केटी रामाराव ने कहा कि लखीमपुर में भाजपा के मंत्री के बेटे ने दिन के उजाले में आठ किसानों की हत्या कर दी। किसी भी मामले में हम पक्षपाती नहीं है। हम किसी संस्था को प्रभावित नहीं कर रहे हैं।
इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय को एक जोकर बताते हुए कहा कि अगर तेलंगाना का गठन नहीं होता तो तेलंगाना भाजपा या तेलंगाना कांग्रेस कहां से आती? केटीआर ने आगे पीएम मोदी और भाजपा को देश भर में हो रही सामूहिक हत्याओं और संघर्षों या सांप्रदायिक घटनाओं की जिम्मेदारी लेने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को भाजपा नेताओं द्वारा उकसाया जा रहा है और विरोध करने के लिए कहा जा रहा है। मैं पीएम मोदी और भाजपा को देश में होने वाली सामूहिक हत्याओं और संघर्षों या सांप्रदायिक घटनाओं की जिम्मेदारी लेने की चुनौती देता हूं। पीएम मोदी महात्मा गांधी की हत्या करने वाले आतंकवादी नाथूराम गोडसे का समर्थन करते हैं।
केटीआर ने तेलंगाना के राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन के सत्तारूढ़ दल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा राज्यपाल और सीएम सहित सभी का सम्मान किया जाना चाहिए और राज्यपाल को राजनीतिक रूप से नहीं बोलना चाहिए।