मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा ने अपराधियों से निपटने के लिए एसटीएफ का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ का राज्यव्यापी क्षेत्राधिकार होगा और यह त्रिपुरा पुलिस की अपराध शाखा के अधीन कार्य करेगी और इसके प्रमुख के रूप में एक पुलिस अधीक्षक होगा।
साहा, जिनके पास होम पोर्टफोलियो भी है, ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, संगठित आपराधिक समूहों आपराधिक सिंडिकेट जबरन वसूली गिरोह और ऐसे अन्य अपराधों के खिलाफ विशेष कार्य बल का गठन किया गया है। एसटीएफ के गठन का राज्य सरकार का फैसला साहा की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के कुछ दिनों के भीतर आया है।
राज्य के गृह सचिव शारदींदु चौधरी ने बताया कि त्रिपुरा की कुल मिलाकर कानून-व्यवस्था की स्थिति अच्छी है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, पिछले साल के दौरान हत्या, अपहरण, बलात्कार और आगजनी जैसे अपराधों में कोई वृद्धि या कमी नहीं हुई है। लेकिन राज्य में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में एनडीपीएस के मामले दर्ज किए गए हैं।
मंत्री ने अवैध लेनदेन, मवेशियों के परिवहन पर चिंता व्यक्त की
विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर त्रिपुरा के पशु संसाधन विकास मंत्री सुधांशु दास ने जानवरों के अवैध व्यवहार और परिवहन पर चिंता व्यक्त की। मंत्री ने सनातनी देश भारत में गायों के अवैध लेन-देन और परिवहन पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, केवल गाय ही नहीं यहां तक कि हमारे कई देवी-देवताओं के साथ भी हम उनके वाहक जैसे बाघ के साथ माता शेरोवाली, बैल के साथ शिव, शेर के साथ माता दुर्गा आदि की पूजा करते हैं।