त्रिपुरा में भाजपा, टिपरा मोथा और आईपीएफटी ग्राम समिति चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने गठबंधन बरकरार रहने की बात कही है। सीटों के बंटवारे पर तीनों दलों के बीच बातचीत चल रही है और इसे जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। दिल्ली में अमित शाह के साथ हुई बैठक में चुनाव और त्रिपुरा समझौते के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
त्रिपुरा में आगामी ग्राम समिति चुनाव सत्तारूढ़ भाजपा अपने सहयोगी दलों टिपरा मोथा और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ मिलकर लड़ेगी। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि तीनों दलों का गठबंधन कायम रहेगा और सीटों के बंटवारे की रूपरेखा जल्द तय की जाएगी।
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अमित शाह के साथ हुई बैठक
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी नई दिल्ली से लौटने के बाद अगरतला हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में दी। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। इसमें ग्राम समिति चुनाव और त्रिपुरा समझौते के प्रावधानों को लागू करने पर चर्चा हुई। बैठक में साहा के अलावा टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा और भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा भी मौजूद थे।
सीट बंटवारे पर चल रही बातचीत
सीएम साहा ने बताया कि भाजपा और टिपरा मोथा ने सीटों के बंटवारे पर चर्चा के लिए अलग-अलग दल गठित किए हैं। आईपीएफटी से भी बातचीत चल रही है। पार्टी के मंत्री शुक्ला चरण नोआतिया के साथ चर्चा हो चुकी है। टिपरा मोथा के प्रतिनिधि जल्द त्रिपुरा पहुंचेंगे और सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने में सहयोग करेंगे।
अगले महीने शुरू हो सकती है चुनाव प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम समिति चुनाव की प्रक्रिया अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद त्रिपुरा समझौते के तहत लगभग सभी मांगों को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साहा ने दिल्ली में हुई बैठक को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को साथ लेकर चलना सरकार की प्राथमिकता है।