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चुनावी राज्यों में जल्दी जनगणना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल: कहा- फैसले के पीछे चल रहे कुटिल राजनीतिक हिसाब-किताब

Sat, 05 Sep 2026 10:19 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

जनगणना 2027 की प्रक्रिया को लेकर केंद्र के नए कार्यक्रम पर कांग्रेस ने राजनीतिक सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि अगले साल विधानसभा चुनाव वाले चार राज्यों में आबादी की गणना निर्धारित समय से पहले कराने का निर्णय संदेह पैदा करता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे अव्यवस्थित तैयारी बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।
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यूपी-पंजाब समेत चार राज्यों में पहले होगी जनगणना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस ने शनिवार को अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में जनगणना की आबादी गणना का काम जल्दी कराए जाने को लेकर केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने इसे “खराब योजना” करार देते हुए आरोप लगाया कि इस फैसले के पीछे कुछ नापाक राजनीतिक गणनाएं हो सकती हैं।
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भारत के महापंजीयक कार्यालय ने शनिवार को बताया कि जनगणना 2027 के लिए आबादी की गणना गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 के बीच होगी। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, इन क्षेत्रों के नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्वयं गणना की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

जनगणना टलने पर क्या बोले जयराम रमेश?
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "जनगणना 2027 की प्रक्रिया (जो 2021 में होनी थी) के तहत फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना को उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में पहले कर दिया गया है, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।"
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उन्होंने कहा, "यह बेहद खराब प्लानिंग को दिखाता है, क्योंकि यह पहले से मालूम था कि इन राज्यों में चुनाव होने हैं। फिर अचानक यह समझदारी कहां से आ गई? निस्संदेह इसके पीछे कुछ कुटिल राजनीतिक हिसाब-किताब चल रहे हैं।" जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि जाति से जुड़ा 10वां सवाल जानबूझकर बहुत खराब तरीके से तैयार किया गया है और इससे जाति जनगणना की पूरी कवायद अर्थहीन हो जाएगी।

राहुल और खरगे के सुझावों को नजरअंदाज करने का आरोप
रमेश ने कहा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) और राज्यसभा में विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जुन खरगे) ने इस मुद्दे पर 20 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। साफ है कि बीच में सुधार करने और बिहार तथा तेलंगाना की प्रश्नावली का मॉडल अपनाने के उनके रचनात्मक सुझावों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।"

अधिसूचना में कहा गया है कि गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में आबादी की गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक की जाएगी। इसके बाद 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन का दौर होगा। इन राज्यों के लिए जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे होगी।

अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे होगी। जून 2025 में जारी सरकारी बयान के अनुसार, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके असमकालिक क्षेत्रों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 होगी।
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