त्रिपुरा में 28 सितंबर को होने वाले ग्राम समिति चुनाव को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है। बुधवार को अगरतला में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी में मुख्यमंत्री माणिक साहा, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर मंथन किया। बैठक में जनजातीय क्षेत्रों में संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत करने, लोगों से सीधा संपर्क बढ़ाने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के जरिये मतदाताओं का भरोसा जीतने पर जोर दिया गया। बीएल संतोष ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सक्रिय होकर चुनाव की तैयारी करने का संदेश दिया।
10 साल बाद हो रहा चुनाव
ट्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के तहत 587 ग्राम समितियों की 4,597 सीटों के लिए चुनाव होगा। करीब 9.62 लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं। यह चुनाव करीब 10 साल बाद हो रहा है। पिछला ग्राम समिति चुनाव 2016 में हुआ था, जबकि निर्वाचित समितियों का कार्यकाल मार्च 2021 में समाप्त हो गया था। मतदान 28 सितंबर को होगा और मतगणना पांच अक्तूबर को प्रस्तावित है।
स्थानीय मुद्दों पर भाजपा का जोर
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि ग्राम समितियों के स्तर पर लोगों की समस्याएं अलग-अलग हैं। कार्यकर्ताओं को इन समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए काम करना होगा। पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने कहा कि चुनाव के लिए विस्तृत खाका तैयार किया गया है। भाजपा के लिए कोई चुनाव छोटा नहीं है और पार्टी हर चुनाव पूरी गंभीरता से लड़ती है। उन्होंने बीएल संतोष की मौजूदगी को जनजातीय समुदाय से जुड़े मुद्दों के प्रति केंद्रीय नेतृत्व की गंभीरता का संकेत बताया।
टिपरा मोथा से गठबंधन पर फैसला बाकी
भाजपा और उसकी सहयोगी टिपरा मोथा के बीच ग्राम समिति चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में गठबंधन का स्वरूप चुनावी मुकाबले की तस्वीर तय करने में अहम होगा।