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महाराष्ट्र: 200 साल बाद दहीफले परिवार में गूंजी बेटी की किलकारी, रथ में बैठाकर हुआ गार्गी का शानदार स्वागत

Wed, 02 Sep 2026 06:58 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

महाराष्ट्र के बीड में दहीफले परिवार में करीब 200 साल बाद बेटी का जन्म हुआ। नवजात गार्गी के घर आने पर परिवार ने भव्य स्वागत किया। रथ यात्रा निकाली गई और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। 
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चार पीढ़ियों बाद बेटी का जन्म (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र के बीड जिले में एक परिवार में चार पीढ़ियों बाद बेटी का जन्म हुआ। उसका स्वागत बड़े धूमधाम से किया गया, जिसमें रथ यात्रा निकाली गई और ढोल-नगाड़े व नाच-गाने का भी आयोजन किया गया।

क्या है पूरा मामला? 

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नवजात बच्ची, जिसका नाम गार्गी रखा गया है। उसको अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसकी मां के साथ घर लाया गया और उसका स्वागत किया गया। दहीफले परिवार का कहना है कि उनके परिवार में लगभग 200 वर्षों से किसी बेटी का जन्म नहीं हुआ था।

बच्ची के दादा ने क्या कहा? 
बच्ची के दादा लिंबाजी दहीफले, गार्गी के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'परिवार में बेटी का होना बहुत सौभाग्य की बात है। इतने वर्षों से हमें बेटी न होने का अफसोस था। आज वह इच्छा पूरी हो गई है।'

लिंबाजी ने कहा कि उन्होंने अपनी दोनों बहुओं को अपनी बेटियों की तरह ही माना है और अपनी पोती को संगीत और नाच-गाने के साथ रथ में बिठाकर घर लाने पर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। बच्चे की दादी, सुरेखा दहीफले ने कहा कि परिवार ने अस्पताल में ही तय कर लिया था कि वे नवजात का जोरदार स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम बहुत खुश हैं कि आज लक्ष्मी हमारे घर आई है।'

गार्गी के पिता ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, 'लोग आम तौर पर बेटे की चाहत रखते हैं, लेकिन बेटी होने का एहसास और खुशी कुछ अलग ही होती है। बेटियां अपने पिता से ज्यादा जुड़ी होती हैं। हम अपनी बेटी को एक फूल की तरह पालेंगे।'

सामाजिक कार्यकर्ता ने क्या कहा? 

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सामाजिक कार्यकर्ता अनंत इंगले ने बेटी के जन्म का जश्न मनाने के लिए परिवार की तारीफ की और कहा कि समाज के कुछ हिस्सों में बेटियों के जन्म को लेकर अभी भी संकीर्ण सोच है। उन्होंने कहा कि दहिफले परिवार ने गार्गी के आने का जश्न मनाकर एक सकारात्मक संदेश दिया है।

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