देश के चुने हुए जनप्रतिनिधियों, सांसदों और विधायकों का सदन में व्यवहार किसी से छुपा नहीं है। सोमवार को त्रिपुरा असेंबली में एक बार फिर दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जब सदस्य एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे। राज्य के वनमंत्री नरेश जमतिया से जुड़े आरोपों पर बहस के दौरान तृणमूल कांग्रेस के विधायक स्पीकर की छड़ी लेकर भाग खड़े हुए।
शून्य काल के दौरान विपक्ष के पूर्व नेता तृणमूल विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने नरेश जमतिया के खिलाफ एक बंगाली समाचार पत्र में छपी खबर का मामला उठाया।
इसके बाद जमतिया उठे और अखबार में छपी खबर को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हैं और छवि को खराब करने की कोशिश है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने अखबार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस और टीएमसी समेत पूरा विपक्ष हल्ला करने लगा और मुख्यमंत्री मानिक सरकार से जवाब की मांग करने लगा। मानिक सरकार के पास गृह विभाग भी है।
सरकार ने कहा कि यह मामला न्यायालय में है और विपक्षी नेताओं को कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
इसके बाद विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए और स्पीकर रमेंद्र देबनाथ से इस मामले पर बहस कराने की मांग करने लगे। इसी दौरान टीएमसी एमएलए रॉय बर्मन ने स्पीकर के टेबल पर लगी छड़ी उठाई और सदन से भाग निकले। बर्मन के पीछे मार्शल भागे..
#WATCH: TMC MLA snatches Speaker's mace in Tripura Assembly (Agartala) (19.12.16) pic.twitter.com/a4Am80GLD6
— ANI (@ANI_news) December 20, 2016
हालांकि बाद में उन्होंने इस लॉबी में वॉर्ड स्टॉफ को सौंप दिया। स्पीकर ने सदन को दोपहर के 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर स्पीकर ने इसकी कड़ी निंदा की। इसके बाद सदन सामान्य ढंग से चलता रहा।
सीएनएन-न्यूज18 से बात करते हुए राय ने कहा, 'मैं छड़ी लेकर भागा क्योंकि मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा था। मैं राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था का मसला उठाना चाहता था। पिछले कुछ सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ता जा रहा है। मैं मीडिया से अपील करना चाहूंगा कि वह इस मुद्दे को उठाएं।'