त्रिपुरा में 18 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां कमर कसकर प्रचार प्रसार में जुटी हुई हैं। राज्य की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार अपनी सत्ता बचाये रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। इस बीच एक खबर दक्षिणी त्रिपुरा से आई है।
यहां के शांतिबाजार संसदीय क्षेत्र में एक छोटा सा गांव है मोयदातिला, जहां के मुस्लिम परिवारों के साथ मुस्लिम समुदाय अछूतों सा व्यवहार कर रहा है। इस गांव में सिर्फ 100 परिवार हैं जिसमें 83 परिवार मुस्लिमों के हैं। इसमें से 25 मुस्लिम परिवारों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली, जिसके बाद गांव के बाकी मुस्लिम परिवारों ने उनका बहिष्कार कर दिया। अब उन परिवारों को मस्जिद में भी नहीं घुसने दिया जा रहा है।
भाजपा सदस्य बाबुल हुसैन ने बताया कि उनके साथ कुछ परिवार डेढ़ साल पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। तभी हमें कह दिया गया था कि हमें यहां नवाज पढ़ने नहीं दी जाएगी। बाबुल ने बताया कि मस्जिद के मौलाना ने कहा कि हम हिंदूवादी पार्टी का समर्थक हैं और मस्जिद में ऐसे लोगों का घुसना मना है। हुसैन आलू व्यापारी हैं और खुदरा बाजार में आलू बेचकर अपना परिवार चलाते हैं।