मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक राज्यसभा में लंबित
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 राज्यसभा में लंबित है। इसका उद्देश्य मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करना है। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अध्यादेश 2018 लागू किया गया है।
किसने क्या कहा
सरकार धार्मिक मामलों में दखलंदाजी न करे। तीन तलाक बिल पर विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। यह संविधानिक मामला भी है। -मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस व प्रतिपक्ष के नेता तीन तलाक को अपराध घोषित करना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ होगा। सरकार मुस्लिम महिलाओं का सशक्तीकरण करने की बजाय समुदाय के पुरुषों को दंडित करना चाहती है। -सुष्मिता देव, कांग्रेस सांसद
कुरान में तलाक के लिए बेहतरीन तरीके बताए गए हैं। महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं। इसके प्रति समाज को जागरूक नहीं किया गया। -रंजीत रंजन, कांग्रेस सांसद
तीन तलाक सामाजिक कुरीति है, न कि सिर्फ इस्लाम से जुड़ा मामला। सती प्रथा और बाल विवाह को भी इसी तरह खत्म किया गया। -मुख्तार अब्बास नकवी, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री
यह महिला बनाम पुरुष नहीं, बल्कि मानवाधिकार का मामला है। निकाह पूरे समाज के सामने होता है लेकिन एक कॉल या मैसेज से शादी खत्म, यह कैसा कानून है? -मीनाक्षी लेखी, भाजपा सांसद
मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के बहाने एक हजार साल से अन्याय सह रही हैं। आज का दिन उनके लिए बड़ा दिन है कि मोदी सरकार तीन तलाक विधेयक को पारित करवाने जा रही है। -विजय गोयल, संसदीय मामलों के मंत्री (संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में)
सरकार ने पहले के विधेयक में कोई बड़े संशोधन नहीं किए हैं। यह विधेयक सांप्रदायिक सद्भाव और संविधान के खिलाफ है। -अनवर राजा, अन्नाद्रमुक सांसद
बिल पर लोकसभा में दो महिला सांसदों में वार पलटवार
तीन तलाक बिल पर लोकसभा में दो महिला सांसदों में वार पलटवार हुआ। कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि मुंह में राम बगल में छुरी की राह पर है मोदी सरकार। उन्होंने पूछा कि गुजरात की ऐसी हिंदू महिला जिसे पति ने छोड़ दिया हो, उसके लिए क्या करेंगे कानून मंत्री, दीवानी मामले को आपराधिक बना कर सरकार ने पीड़ित महिलाओं से की अनदेखी की है। इसपर मीनाक्षी लेखी ने कहा कि तो समान नागरिक संहिता क्यों स्वीकार करती कांग्रेस। शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि तब इस पार्टी ने इतिहास बनाने का मौका गंवा दिया था।
सदन में कागजात फेंक कर चलते बने सपा नेता
सपा के धर्मेंद्र यादव ने क्रीमी लेयर के बहाने संघ लोकसभा आयोग से ओबीसी को दूर रखने का आरोप लगाया। यादव ने बीच में ही माइक बंद करने से नाराज होकर कागजात फेंक कर सदन से वाक आउट करते हुए निकल गए।
भाजपा सांसद ने की ने एससी, एसटी और ओबीसी आयोग की तर्ज पर सवर्ण आयोग गठित करने की मांग
भाजपा सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने लोकसभा में एससी, एसटी और ओबीसी आयोग की तर्ज पर सवर्ण आयोग गठित करने की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि बड़ी संख्या में अगड़ी जातियां का शोषण हो रहा है उनकी समस्याओं को कौन सुलझाएगा।