तीन तलाक के मुद्दे पर पूरे देश में बहस हो रही है। हर दिन नई खबरें निकलकर सामने आ रही है। इस पूरे मामले की आज यानि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। जिसपर दोनों पक्ष अपनी दलीलें सामने रख रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट से इतर तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स खासकर ट्विटर पर भी ये मुद्दा ट्रेंड कर रहा है। इस पूरे मामले पर पॉलिटिकल एक्सपर्ट तहसीन पूनावाला लिखते हैं कि ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार का मामला है और सुप्रीम कोर्ट के पैनल में भी महिला जज को होना चाहिए था।
#TripleTalaq is supposed to be about women being given their rights . The hon SC should have had a lady judge .
— Tehseen Poonawalla (@tehseenp) May 11, 2017
वरिष्ठ पत्रकार तुफैल अहमद लिखते हैं कि अब समय आ गया है, जब बच्चे खुद इसके बारे में अपने परिजनों को समझाएं। खासकर कॉलेज जाने वाली मुस्लिम लड़कियां।
If you are a college-going Muslim girl, start your revolution by telling your mother that you will not accept the practice of #TripleTalaq.
— Tufail Ahmad (@tufailelif) May 10, 2017
के. जीतू नाम के यूजर ने ट्रिपल तलाक को लेकर इंसाफ की आशा जताई है।
#TripleTalaq दुकानों पे ताला भी होगा संविधान का बोलबाला भी होगा ,हजारों सालों बाद ही सही इसांफ की इमारत में न्याय भी होगा #womenworld
— K Jitu (@jvishwa5) May 11, 2017
बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे मामले पर बहस जारी है। इस मामले पर सिर्फ मुस्लिम समाज ही नहीं, बल्कि पूरा देश नजरें गड़ाए बैठा है।
महिलाओं को भी डबल तलाक का मौका मिले
triple talaq
वहीं, एम के चोलक्कल नाम के ट्विटर यूजर ट्रिपल तलाक के समर्थकों पर व्यंग्य कसते हैं कि महिलाओं को भी डबल तलाक का मौका दिया जाए।
#TripleTalaq If male enjoy this woman should have a chance of #DoubleTalaq.
— MK CHOLAKKAL (@mkcholakkal) May 11, 2017
ट्रिपल तलाक के समर्थकों पर कवि और पत्रकार आलोक मिश्रा लिखते हैं कि ये इंटेलेक्चुअल दिवालिएपन का समय है। पढ़े लिखे लोगों द्वारा बहुविवाह, निकाह हलाला और ट्रिपल तलाक का समर्थन यही दिखाता है।
Intellectual bankruptcy at its height when I see educated people defending nikah halala, polygamy and also #TripleTalaq. Come on India!
— Alok Mishra (@PoetAlok_Mishra) May 11, 2017
ट्विटर पर रजत भी ट्रिपल तलाक की सुनवाई कर रही पीठ में 5 पुरुषों में एक भी महिला जज को न शामिल करने पर हैरानी जता रहे हैं।
5 judges of different Faiths?
But no Women judge in this women's issue??#TripleTalaq #Dumbass
— Rajat Bawgi (@Baw_Ra) May 11, 2017