पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों बहनों की मौत डूबने से बताई जा रही है लेकिन साथ ही विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि लाश खराब हो जाने से यह नहीं बताया जा पा रहा कि उनके साथ मारपीट या गला दबाने जैसी बात हुई या नहीं लेकिन प्रीति की मां सोमवती ने बताया कि मेरी बेटी का हाथ और मुंह बंधा हुआ था। हत्यारों ने उसे बेरहमी से मारकर नदी में बहाया है।
सोमवती की बात पंचनामा भी सच साबित कर रही है। पुलिस ने तो लाश मिलने के बाद इसका जिक्र नहीं किया था लेकिन पंचनामा भरते समय हाथ पर दुपट्टा बंधे होने का जिक्र किया गया है। जिससे जाहिर है कि उनकी हत्या हाथ बांधकर ही की गई होंगी। सोमवती ने बताया की बेटी के कमर से नीचे के हिस्से में भी चोट के निशान थे। पिंकी की शारदा के माता-पिता भी अपनी बेटियों की हत्या बेरहमी से करने की बात कर रहे हैं।
पुलिस को सबसे पहले शारदा का शव भाखड़ा नदी में पहाड़पुर गांव के पास झाड़ियों में फंसा मिला था। शारदा के पिता ओंमकार कश्यप और उनकी पत्नी सोमादेवी का कहना है कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या हुई है। नाक, कान और मुंह से खून निकल रहा था। उसका शव घास में लिपटा हुआ था। शव मिलने के बाद पहुंचे ग्रामीणों ने मौके पर जाकर देखा तो शारदा के नीचे के कपड़े कमर से नीचे थे।