सुवेंदु अधिकारी और तुषार मेहता
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पश्चिम बंगाल भाजपा नेता शुवेंदु अधिकारी के साथ सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की कथित तौर पर मुलाकात के मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की है। तृणमूल सांसदों सुखेंदु शेखर राय और महुआ मोइत्रा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मेहता को पद से हटाने की मांग की है। हालांकि, मेहता ने ऐसी किसी मुलाकात से साफ इनकार किया है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने पत्रकारों से कहा, सुवेंदु अधिकारी धोखाधड़ी, अवैध रिश्वत सहित विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपित हैं और नारद मामले में एक स्टिंग ऑपरेशन में वह रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुए थे। सॉलिसिटर जनरल देश के दूसरे बडे़ कानून अफसर हैं और नारद स्टिंग मामले सहित महत्वपूर्ण कानूनी मामलों पर सरकार और उसकी एजेंसियों को सलाह देते रहे हैं। नारद मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
ऐसी स्थिति में उनका सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात सही नहीं है। उन्होंने कहा, हमने सॉलिसिटर जनरल से तत्काल इस्तीफे की भी मांग की। वहीं, सुखेंदु शेखर राय ने कहा, नारद स्टिंग व अन्य मामले में आरोपी से मिलना सॉलिसिटर जनरल के वैधानिक कर्तव्यों के साथ सीधे तौर पर हितों का टकराव है। ऐसे में जनता के मन में किसी भी संदेह से बचने के लिए मेहता को सॉलिसिटर जनरल के पद से हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
बता दें कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस आधार पर पद से हटाने की मांग की थी। सांसद डेरेक ओब्रायन, महुआ मोइत्रा और सुखेंदु शेखर रॉय द्वारा लिखे गए इस पत्र में कहा गया था कि मीडिया में वीडियो सहित खबरें आई है कि अधिकारी ने मेहता के दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की।
सांसदों ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल दूसरे बड़े लॉ ऑफिसर हैं और नारदा मामले सहित महत्वपूर्ण कानूनी मामलों पर सरकार और उसकी एजेंसियों को सलाह देते हैं। नारदा मामले की जांच सीबीआई कर रही है।