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Mahua Moitra Marriage: तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने रचाई शादी, 15 साल बड़े पिनाकी मिश्रा को बनाया जीवनसाथी

Thu, 05 Jun 2025 02:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व बीजद सांसद पिनाकी मिश्रा से जर्मनी में विवाह कर लिया है। गुरुवार शाम को मोइत्रा (50) ने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह और पिनाकी (65) केक काटते हुए दिखाई दे रहे थे। पोस्ट के साथ लिखा था, 'प्यार और शुभकामनाओं के लिए आप सभी का धन्यवाद! बहुत आभारी हूं।'
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महुआ मोइत्रा और पिनाकी मिश्रा - फोटो : PTI
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने खुद से 15 साल बड़े बीजद नेता पिनाकी मिश्रा से शादी कर ली है। कृष्णानगर से दो बार की लोकसभा सांसद ने ओडिशा के पुरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सांसद पिनाकी मिश्रा से शादी की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में महुआ मोइत्रा पारंपरिक पोशाक और सोने के आभूषणों से सजी हुई दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने 3 मई को जर्मनी में शादी की।

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कौन हैं महुआ मोइत्रा?
12 अक्तूबर, 1974 को असम में जन्मी महुआ मोइत्रा ने एक निवेश बैंकर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। बाद में 2010 में महुआ ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। उन्होंने 2019 में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीतीं। महुआ 2024 में फिर से चुनी गईं।

कौन हैं पिनाकी मिश्रा?
पिनाकी मिश्रा का जन्म 23 अक्तूबर, 1959 को ओडिशा के पुरी में हुआ था। वह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में बीए (ऑनर्स) और दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय से एलएलबी की डिग्री भी प्राप्त की है। पिनाकी ने 1996 में पुरी लोकसभा सीट जीतकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ अपना राजनीतिक करियर शुरू किया। बाद में वे नवीन पटनायक की बीजू जनता दल में शामिल हो गए और 2009, 2014 और 2019 में जीत हासिल की। पिनाकी ने 1984 में संगीता मिश्रा से शादी की थी। दोनों को एक बेटा और एक बेटी है।
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पिनाकी के पिता लोकनाथ मिश्रा कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में दो बार ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए। बाद में वे स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए और इसके उपाध्यक्ष बने। 1977 में वे जनता पार्टी में शामिल हो गए। उन्हें लगातार तीन बार (1960 से 1978 तक) राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। उन्होंने तीन पूर्वोत्तर राज्यों असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश (1991-1997) के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। 27 मई 2009 को 87 वर्ष की आयु में भुवनेश्वर में उनका निधन हो गया।

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