तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट से अपने खिलाफ जी न्यूज और उसके संपादक द्वारा पेश किए गए अवमानना मामले में कार्यवाही रोकने की गुहार लगाई है। यह मामला निचली अदालत में चल रहा है।
मोइत्रा ने उनके खिलाफ आरोप तय करने और समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर हाईकोर्ट से जल्दी सुनवाई की भी गुहार लगाई है।
सांसद की गुहार पर न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड के वकील का बयान दर्ज किया कि वे उच्च न्यायालय में 18 फरवरी को मामले की सुनवाई होने तक निचली अदालत के समक्ष अपने गवाह से जिरह नहीं होने देंगे।
मोइत्रा ने निचली अदालत के 25 सितंबर 2019 और 10 जनवरी 2020 के आदेशों को चुनौती दी है, जिसके तहत उन्हें आरोपी के तौर पर सम्मन किया गया था तथा मानहानि के मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
मोइत्रा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि निचली अदालत में मानहानि का मामला शुक्रवार आठ जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। जब पिछले साल अगस्त में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और अदालत को अंतरिम आदेश देने पर विचार करना था तब मीडिया घराने के वकील ने कहा था कि मामले में अगली तारीख पर सुनवाई शुरू होने की उम्मीद नहीं है।
मीडिया घराने की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि वह अगली सुनवाई पर निचली अदालत में शिकायतकर्ता के गवाह को जिरह के लिए पेश नहीं करेंगे और अगली तारीख का अनुरोध करेंगे। इसके बाद अदालत ने मोइत्रा की नई याचिका को निस्तारित मान लिया।