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SSC Scam: टीएमसी नेता कुंतल घोष 14 दिन के लिए ईडी की हिरासत में, शिक्षक भर्ती घोटाले में हैं आरोपी

Sat, 21 Jan 2023 09:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

कुंतल घोष के घर से बरामद हुए दस्तावेजों में छात्रों से रुपये की वसूली के साक्ष्य मिले हैं। उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने शनिवार को बागदा के चंदन मंडल से भी पूछताछ की। उस पर रुपए लेकर नौकरी देने के आरोप लगे थे।
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ईडी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आखिरकार शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हुगली जिले के तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता कुंतल घोष को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों ने बताया है कि घोष को सीजीओ कंपलेक्स स्थित केंद्रीय एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए लाया जा रहा है।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह ईडी के अधिकारियों की दो टीमों ने चिनार पार्क स्थित कुंतल के दो फ्लैट में तलाशी अभियान चलाया था। उसके बाद दोनों टीम के सदस्य एक ही जगह एकत्रित हुए, जहां कुंतल को बिठाया गया था। तलाशी के दौरान कुंतल के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। दस्तावेजों को लेकर उससे कई बार पूछताछ की गई और शनिवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

घर पर बरामद हुए दस्तावेजों से मिले वसूली के सबूत
सूत्रों के मुताबिक, उसके घर से बरामद हुए दस्तावेजों में छात्रों से रुपये की वसूली के साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। मूल रूप से हुगली जिले के बालागढ़ में तृणमूल युवा के बड़े नेता के तौर पर जाने जाने वाले कुंतल के बारे में प्राथमिक शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के करीबी तापस मंडल ने जानकारी दी थी।
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पूछताछ के दौरान तापस ने सीबीआई अधिकारियों के सामने दावा किया था कि कुंतल ने 325 विद्यार्थियों से करीब 19 करोड़ की वसूली की थी। ईडी इस संबंध में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट में इस बात का जिक्र किया गया था कि 325 छात्रों से 'घोष बाबू' नाम के एक नेता ने 19 करोड़ रुपये सीधे लिए थे, जबकि अन्य गैरकानूनी जरिए से भी रुपये की वसूली की गई थी।

उस वक्त यह पता नहीं चल पाया था कि यह घोष बाबू कौन है। लेकिन अब कुंतल की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हो गया है कि इसी तृणमूल नेता के बारे में चार्जशिट में दावा किया गया था। उसके रुपये लेने संबंधी दस्तावेज तापस ने भी सीबीआई के पास जमा करवाए थे।

बुधवार को सीबीआई ने की थी पूछताछ
उल्लेखनीय है कि इसके पहले गत बुधवार को कुंतल को पूछताछ के लिए सीबीआई अधिकारियों ने निजाम पैलेस बुलाया था, जहां वह पूछताछ में शामिल हुआ था। पूछताछ के बाद बाहर निकल कर घोष ने कहा था कि अगर मैंने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में एक रुपया भी लिया होता तो सीबीआई मुझे इतनी आसानी से नहीं छोड़ती। अब ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने की चंदन मंडल से भी छह घंटे पूछताछ
शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सीबीआई ने शनिवार को बागदा के चंदन मंडल से भी पूछताछ की। उस पर रुपए लेकर नौकरी देने के आरोप लगे थे। सीबीआई अधिकारियों ने उससे करीब छह घंटे तक पूछताछ की। बाद में चंदन ने दावा किया कि उसने किसी से पैसे नहीं लिए और किसी को नौकरी नहीं दी।

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने चंदन को शनिवार को पेश होने का नोटिस भेजा था। इससे पहले चंदन ईडी के कई समन से बचता रहा है। इस कारण ईडी ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया था।

जानकारी के मुताबिक चंदन निजाम पैलेस सुबह पहुंचा। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उसने कहा कि न ही मैंने किसी से पैसे नहीं लिए और न ही मैंने किसी को नौकरी दी। 2011 के विधानसभा चुनाव में उपेन बिस्वास ( तृणमूल के पूर्व मंत्री और सीबीआई के पूर्व अधिकारी) का समर्थन नहीं करने के लिए मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, चंदन ने दावा किया कि वे दलाल प्रसन्न रॉय को जानते हैं, जिन्हें शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनका दावा है कि उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाला के बारे में कुछ नहीं पता है। वे पेशे से गृह शिक्षक हैं, खेती और छोटा व्यवसाय भी करते हैं।

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