मणिपुर में चल रही जातीय हिंसा के दौरान कुछ घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। दो निर्वस्त्र महिलाओं के वीडियो आने के बाद तो मणिपुर सरकार और केंद्र सरकार दोनों विपक्ष के निशाने पर है। वहीं अब तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि 15 मई को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में एक और महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
टीएमसी ने कहा कि ऐसे गंभीर मामले अब रिपोर्ट किए जा रहे हैं और जो छिपा हुआ है वह कितना भयानक होगा। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने कहा कि मणिपर में हिंसा रोकने में सरकार नाकाम हो चुकी है और राज्य में पूरी तरह से कानून-व्यवस्था की विफल हो चुकी है।
टीएमसी ने एक समाचार रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि 15 मई को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में 18 वर्षीय एक महिला का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसने 21 जुलाई को पुलिस से संपर्क किया था, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। रिपोर्ट का हवाला देते हुए टीएमसी ने ट्वीट किया कि मणिपुर के लिए त्रासदी खत्म नहीं हुई है। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह पूरी कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए जवाबदेही कब लेंगे?
तृणमूल कांग्रेस की पांच सदस्यीय तथ्यान्वेषी टीम ने 19 जुलाई को मणिपुर का दौरा किया था। तीन मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 160 से अधिक लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हो गए हैं। वहीं चार मई को कथित तौर पर शूट किया गया एक वीडियो ऑनलाइन सामने आने के बाद बुधवार को मणिपुर के कई इलाकों में तनाव और बढ़ गया है। वीडियो में भीड़ द्वारा एक समुदाय की दो महिलाओं को दूसरे पक्ष के पुरुषों के एक समूह द्वारा नग्न परेड करते हुए दिखाया गया।