हैदराबाद के बाद हरियाणा के रोहतक पीजीआई में भी स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन बीबीवी-152’ का शुक्रवार से इंसानों पर ट्रायल शुरू हो गया है। तीन वालंटियर को इसकी डोज दी गई। शुरुआती दौर में उनमें किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं दिखा। पीजीआई ने तीनों के पूरी तरह स्वस्थ होने की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, रोहतक से चार लोगों के सैंपल दिल्ली भेजे गए थे जिनमें से तीन को ट्रायल के योग्य पाया गया। भारत बायोटेक कंपनी की ओर से देश के 12 अस्पतालों में 1120 लोगों पर वैक्सीन का परीक्षण होना है। हालांकि अभी दो ही अस्पतालों में यह शुरू हो सका है।
बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला से अनुमति के बाद अस्पतालों तक वैक्सीन की डोज पहुंचाई जा रही है। जल्द ही बाकी अस्पतालों में परीक्षण होगा।
यह होगा आकलन
परीक्षण में यह देखा जाएगा कि वैक्सीन देने से कोई खतरा तो नहीं है और उसके दुष्प्रभाव क्या हैं। कोविड-19 के अलावा लिवर और फेफड़ों पर कैसा असर हो रहा है, यह भी जांच होगी। इसीलिए पहले चरण को सेफ्टी एंड स्क्रीनिंग कहा जाता है। आईसीएमआर ने उन्हीं संस्थानों को चुना है जहां क्लिीनिकल फार्माकॉलजी विंग है और मानव परीक्षण में अनुभवी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स हैं। ट्रायल की जानकारी आईसीएमआर को भेजी जाएगी।