भारत में अगले सप्ताह से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में यात्रियों को फोन करने और इंटरनेट इस्तेमाल की सुविधा मिलने लगेगी। दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने शुक्रवार को कहा कि इन फ्लाइट कनेक्टिविटी (आईएफसी) इस सप्ताह या अगले सप्ताह की शुरुआत में मिलने लगेगी।
इसके लिए दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे दिया गया है। बस केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचना जारी करना बाकी है। सुंदरराजन ने बताया कि कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू एयरलाइंस से बात हो चुकी है। उनका रुख बेहद सकारात्मक है।
वे इसे यात्रियों को आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धी रणनीति के रूप में देखते हैं। वैश्विक मोबाइल सेवा उपलब्ध कराने वाली इनमारसैट ने भी इस योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई है। उन्होंने बताया कि टैरिफ ऑपरेटर निर्धारित करेंगे, लेकिन नियामक इस पर नजर रखेगा। अगर टैरिफ में ज्यादा बढ़ोतरी हुई तो नियामक हस्तक्षेप करेगा।
एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज, एमिरेट्स, एयर न्यूजीलैंड, एयर मलेशिया, कतर एयरलाइंस और वर्जिन एटलांटिक जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले से ही उड़ानों में कॉल करने और इंटरनेट की सुविधा दे रही हैं, लेकिन भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसते ही वे सेवा बंद कर देती हैं।
आईएफसी का लक्ष्य भारतीय हवाई क्षेत्र में यह सुविधा उपलब्ध कराने के साथ वाई फाई की उपलब्धता से स्थानीय एयरलाइंस को राजस्व का अतिरिक्त स्रोत देना है।