तिरुवनंतपुरम के प्रसिद्ध त्रावणकोर देवस्वम मंदिर में पुजारियों के लिए 62 लोगों का चयन किया है। इन 62 पुजारियों की लिस्ट में 36 लोग दलित और पिछड़े वर्ग के हैं। यह पहला मौका है जब केरल के किसी मंदिर में पुजारियों की नियुक्ती के लिए आरक्षण प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
मंदिर में पुजारियों का चयन किसी सरकारी नियुक्ती के तर्ज पर किया गया है। त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड ने गुरुवार को 62 लोगों के नाम की लिस्ट जारी की है। इस सभी 62 लोगों को टेस्ट और इंटरव्यू के बाद चुना गया है। गौरतलब है कि एससी/एसटी और ओबीसी कैटेगरी के लिए 32 फीसदी आरक्षण है।
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चुने गए सभी प्रत्याशियों को मंदिर बोर्ड जल्दी ही पुजारी के पद पर नियुक्त करेगा। बोर्ड चेयरमैन राजागोपालन नायर ने बताया कि यह पहला मौका है जब एससी/एसटी और पिछड़े वर्ग के लोगों को मंदिर का पुजारी बनाने के लिए आरक्षण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी हमारे यहां कुछ पुजारी पिछड़े समुदाय के हैं, लेकिन उन्होंने मेरिट के जरिए अपनी जगह बनाई है। बता दें कि त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड पहली बार 1949 में अस्तित्व में आया। वहीं पिछले कई दशकों से पुजारियों की नियुक्ती में आरक्षण की मांग की जा रही थी।