मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी पर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा।
रेलवे का कायाकल्प करने के लिए रेलवे बोर्ड में अलग से ट्रांसफॉर्मेशन सेल का गठन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया है। यह सेल रेलवे में मूलभूत बदलावों के साथ नई तकनीक, आमदनी बढ़ाने, नये विचार पर सुझाव रेलवे मंत्रालय को देगा। सेल में रेलवे के सात आला अफसर होंगे। रेलवे ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है।
पिछले दिनों रेल शिविर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे अधिकारियों को कई तरह के सुझाव दिए। इसके साथ ही रेलवे ने अपने कर्मचारियों के सुझावों को प्रधानमंत्री के सामने रखा। मोदी ने भारतीय रेलवे में बड़े बदलाव की जरूरत बताते हुए सुझाव दिया कि रेलवे को मौजूदा दौर में पूरे तरीके से बदलना होगा।
देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर के तौर पर रेलवे का कोई सानी नहीं है और रेलवे को कमाई का कोई भी मौका नहीं छोडना चाहिए। इसके लिए उन्होंने गैर किराया राजस्व पर ज्यादा ध्यान देने को कहा।
इस सेल का काम रेलवे को लेकर मोदी के सपने को जमीनी हकीकत पर उतारने का होगा। सेल रेलवे की रफ्तार को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर गौर करेगा। ढांचागत बदलावों को अमली जामा पहनाना भी सेल के जिम्मे होगा। सेल का काम विश्व से मिल रही नई तकनीकों का मूल्यांकन करना भी होगा।
ट्रांसफॉर्मेशन सेल में इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स के आला अधिकारी सुधीर कुमार अगुवाई करेंगे। आईआरएसएमई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (मेकेनिकल) एके चंद्रा भी सेल में रहेंगे।
इसके साथ ही एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इलेक्ट्रिकल जीतेंद्र सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ट्रैफिक) नीरज सहाय, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एकाउंट) एसएन माथुर, डायरेक्टर पर्सनल रविंद्र कुमार, डायरेक्टर सिग्नलिंग एंड टेलीकॉम राजेश गुप्ता इस सोल में होंगे।