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भारत और ब्रिटिश सैनिकों ने राजस्थान में एक साथ किया युद्धाभ्यास

Sun, 10 Dec 2017 05:47 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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युद्धाभ्यास
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अजय वॉरियर 2017 के तहत भारत और ब्रिटिश  सैनिकों ने राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ युद्धाभ्यास किया। इस दौरान भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधि द्वारा विशेष हेलीबॉर्न ऑपरेशन के बारे में बताया गया। 
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सैनिकों ने सभी नियमों को फॉलो किया और अपने टारगेट को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़े। अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टरों से सैनिक उतरते दिखाई गिए। सैनिकों के हाथ में बंदूक थीं और वह बिलकुल जैसा युद्द में होता है ऐसे ही एक्शन में नजर आए। 

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बता दें कि अजेय वॉरियर -2017 युद्धाभ्यास की शुरुआत 1 दिसंबर को हई थी। इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना की ओर से राजपूताना राईफल्स की 20वीं बटालियन की एक कंपनी और ब्रिटिश सेना की ओर से रॉयल एंगलियन रेजीमेंट की पहली बटालियन हिस्सा ले रही हैं।
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Ajeya Warrior 2017: Indian & British troops were briefed about special heliborne operations by reps of Indian Air Force & were taught methods of insertions. Troops were rehearsed in mounting and dismounting which was followed by actual practice of intended target area. #Rajasthan pic.twitter.com/qyRS5nXMTM— ANI (@ANI) December 9, 2017

 
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पहले भी हो चुके है यहां युद्धाभ्यास

युद्धाभ्यास - फोटो : ANI
14 दिनों तक चलने वाले इस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों सेनाओं के 120-120 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। संयुक्त युद्धाभ्यास की शुरुआत लेफ्टिनेंट कर्नल संग्राम यादव व मेजर डेविड ग्रीनफील्ड के संबोधन के साथ हुई। गौरतलब है कि इससे पूर्व महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में फ्रांस व रुस की सेनाओं के साथ भी युद्धाभ्यास हो चुका है। 

#WATCH: Training exercise of Indian and British troops earlier today at Mahajan Field Firing Range in Rajasthan under Ajeya Warrior- 2017 combined military exercise. (Source: Ministry of Defence) pic.twitter.com/6qiS1cI7wK— ANI (@ANI) December 9, 2017



दोनों देशों के बीच यह तीसरा संयुक्त युद्ध अभ्यास है। दोनों देशों के बीच में सैन्य सहयोग का पुराना इतिहास रहा है। पहला अभ्यास वर्ष 2013 में बेलगाम में एवं दूसरा युद्ध अभ्यास वर्ष 2015 में यूके में आयोजित किया गया था। 

दोनों सेनाओं ने एक दूसरे के अनुभव साझा किए। जहां 20 राजपूताना राइफल्स को काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में ऑपरेशन पवन एवं जम्मू-कश्मीर में सैनिक गतिविधि का व्यापक अनुभव है वहीं प्रथम बटालियन रॉयल एं​गलियन रेजिमेंट को अफगानिस्तान और इराक में अपना युद्ध कौशल दिखाने का अनुभव है। 
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