मुंबई मेट्रो (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : X @MumbaiMetro01
मुंबई मेट्रो लाइन-1 (वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर) पर सोमवार सुबह ट्रेन सेवा बाधित होने के कारण घाटकोपर मेट्रो स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की और इस स्थिति को भयावह बताया। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे एक मेट्रो ट्रेन तकनीकी खराबी के कारण तय स्पीड तक नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते उसे सेवा से हटा दिया गया। इसके चलते अन्य ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया और घाटकोपर स्टेशन पर एक साथ 500 से ज्यादा यात्री इकट्ठा हो गए।
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यात्रियों का गुस्सा फूटा
एक यात्री करण जैन ने एक्स पर लिखा, 'मुंबई मेट्रो में क्या हम कोई हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं? 11 वर्षों में भी कोच की संख्या नहीं बढ़ी। ये रुकावट चौंकाने वाली है।' वहीं, अंधेरी लोखंडवाला ओशिवरा सिटिजन एसोसिएशन ने राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, 'घाटकोपर स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। मेट्रो लाइन-1 को छह कोच वाली रेक और तीन गुना ट्रेनों की जरूरत है।'
एक अन्य यात्री शेखर साल्वी ने कहा, 'चार कोच की ट्रेनें पीक ऑवर की भीड़ को संभाल नहीं सकतीं। सुरक्षा खतरे में है, लाभ कमाने की सोच को आम जनता की जरूरतों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।'
मेट्रो ऑपरेटर का बयान
मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (एमएमओपीएल) ने कहा कि पीक ऑवर के दौरान कुल 36 ट्रेनें चलाई जाती हैं जिनकी आवृत्ति 3 मिनट 20 सेकंड होती है। एक ट्रेन हटने से करीब 1,750 यात्रियों की क्षमता घट जाती है। उन्होंने बताया कि हॉट-स्टैंडबाय ट्रेनों के जरिए सेवाओं की भरपाई की जाती है, और संचालन को बेहतर करने के लिए ट्रेन स्पीड और सेवा फ्रीक्वेंसी बढ़ाने पर भी काम हो रहा है।
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क्या है भविष्य की योजना?
पीक आवर्स में घाटकोपर से अंधेरी तक शॉर्ट-लूप सेवाओं को फिर से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नए कोच खरीदने के लिए फंडिंग प्रस्ताव नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) और इंडिया डेब्ट रेजोल्यूशन कंपनी लिमिटेड (आईडीआरसीएल) को भेजा गया है।