शादी समारोह और राजनीतिक रैलियों के लिए ट्रेन बुक कराना शुक्रवार से महंगा हो जाएगा। इन कामों के लिए बुकिंग का अधिकार रेल मंत्रालय ने इंडियन रेलवे टूरिज्म एंड कैटरिंग कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) को सौंपने का निर्णय लिया है। रेलवे अब बुकिंग ऑनलाइन होने के साथ ही सर्विस टैक्स भी वसूलेगा। ट्रेनों के कोच की बुकिंग के लिए रेलवे ने सिंगल विंडो सिस्टम के तहत यह जिम्मा आईआरसीटीसी को सौंपा है। अब फुल टैरिफ रेट (एफटीआर) की बुकिंग रेल मुख्यालय से नहीं होकर ऑनलाइन व टेलीफोन से की जा सकेगी। अनारक्षित रेलवे टिकट बुकिंग के माध्यम से कोच बुकिंग के लिए पैसा रेलवे काउंटर पर जमा नहीं होगा।
आईआरसीटीसी को अब देना होगा पांच प्रतिशत सर्विस टैक्स
रेलवे के इस निर्णय से कोच की बुकिंग कर यात्रा करना महंगा हो जाएगा। आईआरसीटीसी को बतौर सर्विस टैक्स पांच प्रतिशत ज्यादा देना होगा। साथ ही कोच की बर्थ से अगर यात्रियों की संख्या अधिक है तो प्रत्येक यात्री को अलग से किराया भी चुकाना पड़ेगा। जबकि रेलवे को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा क्योंकि आईआरसीटीसी को कोच की बुकिंग के लिए छूट देनी होगी।
सिंगल विंडो सिस्टम के तहत आईआरसीटीसी को मिला जिम्मा
रेलवे बोर्ड की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोच की बुकिंग एक महीने पहले स्वीकार की जाएगी। इसके लिए आईआरसीटीसी के जोनल कार्यालय में संपर्क करना होगा। कोच की बुकिंग के लिए किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। ट्रेन के अतिरिक्त स्टॉपेज के लिए भी रेलवे पैसा वसूलेगा। दो मिनट के अतिरिक्त स्टॉपेज के लिए 25 हजार रुपया अतिरिक्त देना होगा। सेंटर फॉर रेलवे इंफारमेशन सिस्टम (क्रिस) ने कोच की बुकिंग के लिए सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है।