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आंध्र प्रदेश में तीन साल पहले पटरी का हिस्सा टूटने से हुआ था ट्रेन हादसा

Tue, 22 Dec 2020 05:19 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली 

सार

  • रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने सौंपी अंतिम रिपोर्ट, हीराखंड एक्सप्रेस बेपटरी होने से गई थी 40 की जान 
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train accident (file photo)
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश में 2017 में हीराखंड एक्सप्रेस पटरी फ्रैक्चर की वजह से हादसे का शिकार हुई थी। इस हादसे में 40 लोगों की मौत हुई थी। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह बात कही है। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी रिपोर्ट में पटरी में तोड़फोड़ किए जाने का संदेह जताया था। 
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हादसे पर अपनी अंतिम रिपोर्ट में रेलवे सुरक्षा आयुक्त रामकृपाल ने कहा कि टंग रेल में फ्रैक्चर की वजह से हादसा हुआ था। टंग रेल नौ मीटर का टुकड़ा होता है, जिसकी मदद से ट्रैक की पटरियां जुड़ती हैं और यह इंजन को दिशा बदलने में मदद करता है। यह टूटा हुआ टुकड़ा हादसे के पास बरामद हुआ था, जिसे एनआईए को सौंप दिया गया था। हालांकि रिपोर्ट में एनआईए की एफआईआर का उल्लेख नहीं किया गया है। रिपोर्ट में ईस्ट कोस्ट रेलवे के सिविल इंजीनियरिंग विभाग दोषपूर्ण था, लेकिन हादसे के लिए कोई व्यक्ति जिम्मेदार नहीं था। दरअसल, 21 जनवरी, 2017 को जगदलपुर से भुवनेश्वर जा रही हीराखंड एक्सप्रेस आंध्र प्रदेश के कुनेरू गांव के पास पटरी से उतर गई थी। हादसे के वक्त ट्रेन में 600 यात्री सवार थे। 

एनआईएन ने नक्सलियों पर जताया था शक
एनआईए ने अपनी एफआईआर में इलाके में सक्रिय नक्सलियों पर साजिश रचने का संदेह जताया था। मामले की जांच संभालने के बाद एनआईए ने हादसे वाली जगह से टूटा पटरी का टुकड़ा, कोच के हिस्से और अन्य फोरेंसिक लैब भेजे थे, ताकि विस्फोटक का पता लगाया जा सके। लेकिन विस्फोटक का कोई सबूत नहीं मिल पाया था। मामले में एनआईए ने चार्जशीट दायर नहीं की है। 
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