ट्राई ने कहा है कि ग्राहकों को यह अधिकार भी मिलना चाहिए कि डिजिटल दुनिया में वह जब तक रहना चाहते हैं रहें अन्यथा उनकी हर निशानी खत्म करने या मिटाने की व्यवस्था अधिकार के साथ मिले। हैंडसेट बेचने से पहले उपभोक्ता को सारी जानकारी मुहैया कराई जाए।
कंपनियों को उपभोक्ता क्या मंजूरी दे रहा है या नहीं दे रहा है, इस संबंध में स्पष्ट तौर पर करार हो, जिसे कानून बनने तक नियम बनाकर स्पष्ट किया जाए। अगर कंपनी डाटा का इस्तेमाल करें तो वह उपभोक्ता को सूचित कर बताएं कि आखिर किस कारण उनका डाटा प्रयोग में लाया जा रहा है।
इनबिल्ट एप को हटाने का अधिकार भी मिले
ट्राई ने यह भी सिफारिश की है कि हैंडसेट में आने वाले इनबिल्ट एप को हटाने का अधिकार भी उपभोक्ता को दिया जाए। यह सुविधा उन्हें डाटा सुरक्षा और निजता के मद्देनजर मिलनी चाहिए। साथ ही सरकार डाटा इनक्रिप्शन के लिए राष्ट्रीय नीति लाए। डाटा लीक होने की घटनाओं की जानकारी या सूचना मुहैया कराने के लिए एक पोर्टल बनाया जाए। इसमें सभी कंपनियां (सरकारी या निजी) हिस्सा बने और डाटा लीक की जानकारी देने वालों को इनाम देने की व्यवस्था की जाए ताकि इसके प्रति लोगों में जागरूकता आए।