टेलीकॉम नियामक ट्राई ने रिलायंस जियो इनफोकॉम को इंटरकनेक्शन की सुविधा नहीं देने पर एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन पर 3050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है।
रिलायंस जियो ने शिकायत में कहा था कि उसके उपभोक्ताओं की एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के नेटवर्क पर की गई 75 फीसदी कॉल नहीं लगती हैं। मालूम हो कि नियमों के मुताबिक इंटरकनेक्शन के मामले में 1000 में से 5 से ज्यादा कॉल फेल नहीं होनी चाहिए।
ट्राई ने दूरसंचार विभाग से तीन बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसमें भारती एयरटेल, वोडाफोन पर 21 सर्किलों के लिए हर सर्किल के 50 करोड़ रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाने की बात है। इसमें जम्मू-कश्मीर सर्किल शामिल नहीं है।
एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया पर 3050 करोड़ जुर्माने की सिफारिश
वहीं आइडिया पर 19 सर्किलों के लिए हर सर्किल के 50 करोड़ रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। ट्राई ने यहां तक कहा है कि ये तीनों कंपनियों लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं कर रही हैं।
ऐसे मामले में लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त सिफारिश की जरूरत है। लेकिन ऐसा करने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कत होगी। ऐसे में उपभोक्ताओं के हित में ट्राई केवल हर सर्किल के लिए 50 करोड़ का जुर्माना लगाने की सिफारिश करता है।
ट्राई का कहना है कि इंटरकनेक्शन की सुविधा नहीं देना प्रतिस्पर्धा में बाधा पहुंचाना है और उपभोक्ता विरोधी है। 5 सितंबर को मोबाइल सेवा लांच करने वाली रिलायंस जियो ने ट्राई में शिकायत की थी कि एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया अपने नेटवर्क पर उसे पर्याप्त इंटरकनेक्शन सुविधा नहीं दे रही हैं।
जियो ने की थी इंटरकनेक्शन सुविधा न देने की शिकायत
जिसके चलते उसके नेटवर्क पर ज्यादातर कॉल फेल हो जाती हैं। ट्राई की सिफारिश यदि स्वीकार की जाती है तो एयरटेल और वोडाफोन को 1050 करोड़ रुपये और आइडिया को 950 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर देने होंगे।
ट्राई के नियमों का पालन कर रहे : एयरटेल
ट्राई की जुर्माने की सिफारिश पर अपनी प्रतिक्रिया एयरटेल ने कहा है कि हमारी ओर से रिलायंस को पर्याप्त इंटरकनेक्टिविटी दी जा रही है और ट्राई के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। वहीं, वोडाफोन और आइडिया ने इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।