फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

TRAI: मोबाइल कंपनियां अब ग्राहकों को नहीं कर पाएंगी परेशान, शिकायत अनसुनी की तो देना होगा 50 लाख का जुर्माना

Thu, 07 May 2026 11:58 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने मोबाइल कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं। अब ग्राहकों की शिकायत गलत तरीके से बंद करने पर कंपनियों को हर बार 1000 से 5000 रुपये तक का हर्जाना भरना होगा, जो अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति तिमाही हो सकता है। कंपनियों को अपने एप और पोर्टल पर आसान शिकायत सुविधा भी देनी होगी। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से जानते हैं...
 

विज्ञापन
नए नियम प्रस्तावित। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। अक्सर देखा जाता है कि जब सिम कार्ड या नेटवर्क में कोई दिक्कत आती है, तो ग्राहक कंपनी के चक्कर काटते रह जाते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती। इसी समस्या को खत्म करने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटर 'ट्राई' ने एक बेहद सख्त कदम उठाने का मन बना लिया है। ट्राई ने साफ कर दिया है कि अगर टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया या उन्हें गलत तरीके से बंद कर दिया, तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह नया नियम कंपनियों को अपनी मनमानी छोड़ने और ग्राहकों की सेवा में सुधार करने के लिए मजबूर करेगा।
विज्ञापन


कंपनियों पर कितना जुर्माना लगेगा और क्यों?
ट्राई ने अपने नए प्रस्ताव में टेलीकॉम कंपनियों पर भारी-भरकम आर्थिक दंड लगाने की बात कही है। अगर कोई कंपनी किसी ग्राहक की शिकायत को बिना सुलझाए या गलत तरीके से बंद कर देती है, तो उसे हर ऐसी गलती के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं, अगर मामला अपील का है और उसे ठीक से नहीं निपटाया गया, तो यह जुर्माना 5,000 रुपये प्रति शिकायत होगा। ट्राई ने यह भी तय किया है कि एक तिमाही (तीन महीने) के भीतर किसी भी सर्विस एरिया में कंपनी पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम इसलिए लाया जा रहा है ताकि कंपनियां केवल कागजों पर शिकायतें न निपटाएं, बल्कि ग्राहकों को सही समाधान दें।

ये भी पढ़ें- तमिलनाडु का सियासी सस्पेंस: राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को ही बुलाना चाहिए? जानें कानून के जानकारों की राय
विज्ञापन


शिकायत दर्ज करने के लिए क्या नई सुविधाएं मिलेंगी?
ट्राई चाहता है कि ग्राहकों के लिए अपनी बात कंपनी तक पहुँचाना बहुत आसान हो जाए। अब कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और चैटबॉट पर शिकायत दर्ज करने की साफ़-सुथरी सुविधा दें। नए प्रस्ताव के अनुसार 
ग्राहकों को अपनी बात बताने के लिए ऐप और पोर्टल पर 'कैटेगरी' चुनने का विकल्प मिलेगा, जैसे शिकायत, अपील या कोई सवाल।
अगर ग्राहक को कुछ अलग जानकारी देनी है, तो वह लिखकर या अपनी आवाज रिकॉर्ड करके भी भेज सकेगा। कंपनियों को अपनी वेबसाइट के होमपेज पर एक 'कंज्यूमर कॉर्नर' बनाना होगा, जहाँ ग्राहक को शिकायत केंद्र और अन्य जरूरी जानकारी आसानी से मिल सके।

अब ग्राहकों को अपनी शिकायत का स्टेटस लगातार पता चलेगा?
अक्सर ग्राहक शिकायत दर्ज करने के बाद भूल जाते हैं कि आगे क्या हुआ। ट्राई के इस नए नियम के बाद कंपनियों को ग्राहक को पल-पल की जानकारी देनी होगी। जब तक समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं हो जाता, तब तक ऐप के जरिए ग्राहक को यह बताया जाएगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है और वह कब तक ठीक हो जाएगी। कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर हर तीन महीने की रिपोर्ट भी डालनी होगी कि उन्होंने कितने ग्राहकों की समस्याओं को सुलझाया और कितने लोग उनकी सेवा से संतुष्ट हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
विज्ञापन


क्या कंपनियों को अपनी गलतियों का हिसाब देना होगा?
ट्राई ने ऑडिट (जांच) की व्यवस्था भी सख्त कर दी है। अगर जांच के दौरान यह पाया गया कि किसी कंपनी ने किसी ग्राहक की अपील को असंतोषजनक तरीके से खारिज कर दिया है, तो उस पर तुरंत जुर्माना ठोक दिया जाएगा। ट्राई ने साफ कहा है कि कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्राहक को हर कदम पर अपडेट मिले। इस नए प्रस्ताव पर राय देने के लिए ट्राई ने 5 जून तक का समय दिया है। इसके बाद इसे कानून के रूप में लागू कर दिया जाएगा। अब मोबाइल कंपनियों के लिए यह जरूरी हो जाएगा कि वे अपने ग्राहकों को राजा की तरह समझें, न कि उनकी शिकायतों को कूड़ेदान में डालें।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें