भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (11वां संशोधन) विनियम 2020 बुधवार को जारी किया। नए संशोधन के अनुसार, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने निर्णय लिया है कि अंतरराष्ट्रीय मोबाइल रोमिंग (आईएमआर) सेवा को डिफॉल्ट रूप से निष्क्रिय रखा जाना चाहिए और केवल उपभोक्ताओं के अनुरोध पर ही सक्रिय करना चाहिए।
ट्राई ने मोबाइल सेवा प्रदाताओं को कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय मोबाइल रोमिंग (आईएमआर) सेवा को सभी ग्राहकों के लिए निष्क्रिय करें। ऐसा ग्राहकों को अप्रत्याशित बिल से बचाने के लिए कहा गया है। ट्राई ने कहा है कि उपभोक्ता से स्पष्ट अनुरोध के बाद ही इस सेवा को सक्रिय किया जाना चाहिए।
हालांकि ट्राई ने यह भी कहा कि इस तरह की सेवाओं की दरों के मामले में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है। ट्राई ने एक बयान में कहा कि ‘इस तथ्य पर विचार करते हुए कि आईएमआर सेवा की दरें बाजार की गतिशीलता और आईएमआर पैक के बढ़ते प्रसार के हिसाब से तय हो रही हैं। इसलिए अभी की परिस्थिति के आधार पर आईएमआर सेवाओं की दरों के मामले में किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।’
ट्राई ने इसके साथ ही यह भी जोड़ा है कि वह इस मामले पर नजर बनाए रखेगा और भविष्य में इसकी समीक्षा करेगा।