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ट्राई ने फोन टैपिंग पर जानकारी देने से किया इंकार, कहा- इससे प्रभावित होगी राष्ट्रीय एकता

Wed, 19 Dec 2018 07:48 PM IST
Gaurav Pandey भाषा, नई दिल्ली
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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि वह फोन टैपिंग से संबंधित ब्योरे को नहीं जुटाता है और इसका खुलासा भी नहीं कर सकता क्योंकि इससे देश की अखंडता और एकता प्रभावित हो सकती है। ट्राई ने मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ से कहा कि फोन टैपिंग का काम विधि प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा किया जाता है और वह सेवाप्रदाताओं से इसकी सूचना नहीं जुटाता है। 

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केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के एक आदेश में कहा गया था कि दूरसंचार नियामक के पास सेवाप्रदाताओं से यह जानने का अधिकार है कि किस मोबाइल उपभोक्ता का फोन टैप किया जा रहा है। ट्राई ने सीआईसी के इस आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय की एकल जज की पीठ ने ट्राई के इस आदेश को उचित ठहराया था। ट्राई ने अपनी अपील में दोनों आदेशों को रद्द करने का आग्रह किया है। 

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16 जनवरी को होगी अगली सुनवाई

आरटीआई आवेदक के वकीलों ने पीठ को भरोसा दिलाया कि आयोग का आदेश लागू नहीं कराया जाएगा और ट्राई पर इसे पूरा नहीं करने के लिए कोई अवमानना याचिका दायर नहीं की जाएगी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने अंतरिम निर्देश के तहत एकल जज के फैसले पर स्थगन नहीं दिया। इसी आरटीआई आवेदक की याचिका पर सीआईसी ने यह आदेश जारी किया था। 

पीठ ने इसके बाद आरटीआई आवेदक उच्चतम न्यायालय के वकील कबीर शंकर बोस को ट्राई की याचिका पर 16 जनवरी, 2019 तक अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी।
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